सोमवार, 11 सितंबर 2017

लो भई योगी सरकार गई काम से


हाय रे!  योगी सरकार ऐसी गलती कैसे कर गयी, सुबह का अखबार देख केवल मेरा ही नहीं बल्कि सारी महिलाओं का माथा ठनक गया. समाचार कुछ यूँ था-
"बसों में मुफत सफर करेंगी 60 साल से ऊपर की महिलायें"
    समाचार  ही ऐसा था कि किसी के भी मुंह से योगी सरकार के लिए आशीर्वाद को हाथ नहीं उठे,  वजह कोई जानना कठिन थोड़े ही है, वो तो सब जानते ही हैं.
      इस दुनिया में आदमी हो या औरत, अपनी उमर कोई भी बताना नहीं चाहता और योगी सरकार के इस निर्णय के मुताबिक मुफत सफर के लिए जो परिचय पत्र बनेगा उसमें उमर का साक्षय लिया जायेगा, बस हो गया साबित कि मुफत सफर वाली औरत, यानी साठ साल से ऊपर, यानी बूढी, भला कौन औरत अपने को बूढी सुनना चाहेगी.
     लो भई योगी सरकार गई काम से.

शालिनी कौशिक
(कौशल) 

2 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (12-09-2017) को गली गली गाओ नहीं, दिल का दर्द हुजूर :चर्चामंच 2725 पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

शालिनी जी, उन्होंने एक तीर से दो शिकार कर लिए ! हमदर्दी भी ले ली और पैसे भी नहीं खोए :)

.............तभी कम्बख्त ससुराली ,

थी कातिल में कहाँ हिम्मत  ,मुझे वो क़त्ल कर देता  ,         अगर  मैं  अपने  हाथों  से  ,न  खंजर  उसको  दे  देता  . .....................