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संस्कार मर गए-बेटियों पर भी कैसे करें गर्व?

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  ( संस्कार मर गए-बेटियों पर भी कैसे करें गर्व)  ⚫ सोनीपत (हरियाणा)  ⚫ वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग कपड़ा व्यापारी शिवचरण रतन गुप्ता का निधन.  ⚫ 20 दिनों से बीमार थे.  ⚫ पत्नी थी मीना गुप्ता ⚫ तीन बेटियाँ - अनीता, निशा, प्रिया ⚫ अनीता (नेपाल) निशा (आजमगढ) प्रिया (मुंबई)  ⚫ दो अध्यापिका ⚫ माँ के मरने मे भी नहीं आई थी. ⚫ पिता का अंतिम संस्कार भी वीडियो कॉल से देखा. ⚫ अस्थियों के लिए कहा - जब पिता ही नहीं रहे तो अस्थियां लेकर क्या करेंगे? द्वारा शालिनी कौशिक एडवोकेट कैराना (शामली) 

कांधला के विश्व विख्यात पंडित व्यक्तित्व

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1-हकीम शिवनाथ - ये कांधला के प्रसिद्ध हकीम रहे हैं जिनका नाम अरब देशों के प्रसिद्ध हकीमों मे रहा है. इन्होंने अपने दो भाइयों पंडित शिव प्रसाद और पंडित शिव सिंह जी के साथ मिलकर कांधला (उत्तरी) में वर्ष 1800 में शिवालय की स्थापना की 2-राय बहादुर चंद्रभान - ये अंग्रेजों के समय के पुलिस विभाग के वकील थे और अंग्रेजों द्वारा इन्हें राय बहादुर की पदवी से नवाजा गया था. 3-पंडित सदन लाल - कांधला के चेयरमैन रहे हैं अंग्रेजों के जमाने में. 4-बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट - बार एसोसिएशन कैराना के 26 साल तक अध्यक्ष रहे, जो कि एक रिकार्ड है. और इनकी स्मृति में बार एसोसिएशन कैराना द्वारा बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट जी की पुत्री शालिनी कौशिक एडवोकेट के द्वारा 9 दिसम्बर 2024 से 17 दिसम्बर 2024 तक धरना व भूख हड़ताल किए जाने पर कैराना कचहरी परिसर में एक गेट "बाबू कौशल प्रसाद एडवोकेट स्मृति द्वार"का निर्माण किया है.  5-डा. शिखा कौशिक "नूतन" - प्रसिद्ध साहित्यकार, क्योंकि औरत कट्टर नहीं होती - लघु कथा संग्रह पर उत्तर प्रदेश सरकार के पंडित बद्री प्रसाद "शिंगलू" सम्मान से सम्मानित. 6-शाल...

कमी खुद के चरित्र मे

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अखिल जगत में राम नारी का इसलिए अभिमान हैं .

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  मर्यादा से बंधे हुए वे पुरुषोत्तम भगवान हैं , दशरथ जी के राजदुलारे मनभावन श्रीराम हैं . ............................... मात सुमित्रा कैकयी का वे कौशल्या सम मान करें , भरत शत्रुघ्न लखन लाल को ये प्रभु का वरदान हैं . ............................. पालन करें पितु वचन का ब्रह्म ऋषि के साथ चले , करते वध हैं राक्षसों का रखते यज्ञ का ध्यान हैं . ............................. ब्रह्म ऋषि की आज्ञा मानी धनुष यज्ञ में भाग लिया , सीता से नाता जोड़ें वे रखते क्षत्रिय मान हैं . ................... वचन पिता ने दिए मात को पूरा उनको राम करें , राज-पाट से श्रेष्ठ ह्रदय में तब वन का स्थान है . ........................ लखन सिया के संग संग वन में ऋषियों के उपदेश सुनें, रक्षा करते सभी जनों की करते नहीं गुमान हैं . ................. न्याय दिलाएं मित्र को अपने बालिवध का काज करें , मित्रता का समस्त विश्व में सर्वश्रेष्ठ प्रमाण हैं . .......... सिया हरण का सबक सिखाने रावन का संहार करें , अखिल जगत में राम नारी का इसलिए अभिमान हैं . ...  शालिनी कौशिक [कौशल ]

भारत रत्न पंडित नेहरू को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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  अंग्रेजों की गुलामी से भारत को आजादी दिलाने में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कुल 9 बार जेल जाने वाले , जहाँ अपने जीवन के लगभग 9 साल (कुल 3,259 दिन) बिताने वाले और उस समय अपने प्राणों को दांव पर लगाने वाले, जब जिंदगी की कोई गारंटी नहीं थी, प्रधानमंत्री पद की सोच तो दूर की बात है, आजादी के बाद सुई तक न बनाने वाले देश को भाखड़ा नांगल जैसी उपयोगी परियोजना तक पहुंचाने वाले देश के लोगों के लिए तन ढंकने को वस्त्र न होने पर सूट तक पहनने की औकात रखने वाले, सूट को त्यागकर धोती अपनाने वाले महात्मा गांधी की पसंद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री, सच्चे अर्थों में भारत रत्न की शोभा बढ़ाने वाले, बेटियों को पिता की संपत्ति में हक दिलाने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को पुण्यतिथि पर कृतज्ञ देशवासियों की भावपूर्ण श्रद्धांजली 💐🙏💐 द्वारा शालिनी कौशिक एडवोकेट कैराना (शामली)

कॉकरोच - जीवन के लिए जरूरी

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  कॉकरोच (तिलचट्टा) भले ही घर में गंदगी और डर का कारण लगते हों, लेकिन पारिस्थितिकी (Ecosystem) और विज्ञान में इनके कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं। पर्यावरण को साफ रखने, औषधियों और जैविक अनुसंधान में इनकी मुख्य भूमिका होती है。  1. पर्यावरण के लिए सफाईकर्मी कॉकरोच प्रकृति के डीकंपोजर (Decomposers) होते हैं。 ये सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों, कचरे और मृत जीवों को खाकर उन्हें पचाते हैं。 इसके बाद वे मल के रूप में पोषक तत्वों से युक्त खाद मिट्टी में छोड़ते हैं, जिससे पौधों को पोषण मिलता है。  2. वैज्ञानिक और चिकित्सा अनुसंधान कॉकरोच का तंत्रिका तंत्र (Nervous System) बहुत सरल होता है。 चिकित्सा और जीव विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिक न्यूरोबायोलॉजी (Neurology) और कीटनाशकों के प्रभाव को समझने के लिए इन पर शोध करते हैं。  3. औषधीय उपयोग (आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा) कई एशियाई देशों, विशेषकर चीन में कॉकरोच से बनी दवाओं का उपयोग किया जाता है。 इनसे बने अर्क (extracts) का उपयोग पेट के अल्सर, घाव, और त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है。  4. सुपरफूड: कॉकरोच का दूध  ...

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार प्रथमा यादव देती पिता प्रतीक यादव को मुखाग्नि

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लखनऊ में बैकुंठधाम में मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव के पिता व प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर मुलायम सिंह यादव के बड़े बेटे अखिलेश यादव व चाचा शिवपाल सिंह मौजूद रहे। प्रतीक यादव की दोनों बेटियां प्रथमा यादव (12)  और प्रतीक्षा यादव भी मौजूद रहीं। प्रतीक यादव को मुखाग्नि उनके ससुर अरविन्द सिंह बिष्ट द्वारा दी गई. हिंदू धर्म की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, ससुर द्वारा दामाद को मुखाग्नि देना शास्त्रों के विरुद्ध और वर्जित माना जाता है। दाह संस्कार का अधिकार केवल रक्त संबंधियों (पुत्र, भाई) का होता है, क्योंकि दामाद दूसरे गोत्र का हिस्सा बन जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रतीक यादव के चचेरे भाई धर्मेन्द्र यादव मुखाग्नि देने के लिए तैयार भी थे. ऐसे में ससुर द्वारा दामाद को मुखाग्नि देना हिन्दू धर्म की मान्यताओं के विपरीत है इसके मुख्य कारण निम्न अनुसार हैं -  ⚫ परंपरा : ससुर और दामाद का रिश्ता ऐसा है कि ससुर दामाद का धुआं भी नहीं देखता है। ⚫ अपवाद : अगर बेटा या कोई अ...