संदेश

pandit jawahar lal nehru लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

युगपुरुष पंडित जवाहरलाल नेहरू को शत-शत नमन

चित्र
''सिमटे तो ऐसे सिमटे तुम             बंधे पाँखुरी में गुलाब की ,   बिखरे तो ऐसे बिखरे तुम            खेत खेत की फसल हो गए .''         मशहूर कवि भारत भूषण जी की ये पंक्तियाँ देश के प्रथम प्रधानमंत्री और उससे भी पहले देश के ह्रदय पर विराजने वाले ,देश के माथे पर मुकुट की भांति शोभायमान पंडित जवाहर लाल नेहरू जी को समर्पित हैं और दो पंक्तियों में ही नेहरू जी के व्यक्तित्व का व्यापक विश्लेषण हम जैसी आने वाली पीढ़ियों के समक्ष प्रस्तुत किया है जिससे हम आज के मिथ्यावादी स्वार्थ में डूबी हुई राजनेताओं की पंक्ति से उन्हें पृथक कर देश के एक ऐसे रत्न को जान सकें जिन्होंने देश और देश की जनता से मात्र ये आशा की थी कि- ''अगर मेरे बाद कुछ लोग मेरे बारे में सोचें तो मैं चाहूंगा कि वे कहें -वह एक ऐसा आदर्श था जो अपने पूरे दिल और दिमाग से हिन्दुस्तानियों से मुहब्बत करता था और हिंदुस्तानी भी उसकी कमियों को भूलकर उसको बेहद अज़हद मुहब्बत करते थे .''        २७ मई १९६४ को देश को असहनीय दुःख देते ...