आज का युवा !
जागरूक सचेत सतर्क आज का युवा ! जागरूक अधिकारों के लिए सचेत धोखाधड़ी से सतर्क दुश्मनों से आज का युवा ! साथ ही कृतघ्न उपेक्षावान लापरवाह भी आज का युवा ! कृतघ्न बड़ों की सेवा में उपेक्षावान देश हित करने में लापरवाह समाज के प्रति जीवन के धवल स्वरुप के संग ये स्याह लबादा ओढ़े है , खुद की कमियों से हो असफल ये बैठ ज़माना कोसे है . शालिनी कौशिक [कौशल ]