अवसरवादी-एक लघु कथा

 


"वकील झूठ बोलते हैं" कहने वाले लाला जी को जब एक सिविल केस में कोर्ट में जाना पड़ा तो अपने वकील की दलीलों पर अपने वकील से हाथ मिलाते हुए बोले "NICE"

द्वारा 

शालिनी कौशिक 

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

टिप्पणियाँ

Ravindra Singh Yadav ने कहा…
आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" पर गुरुवार 08 अक्टूबर 2026 को लिंक की गयी है....

http://halchalwith5links.blogspot.in
पर आप सादर आमंत्रित हैं, ज़रूर आइएगा... धन्यवाद!


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Shalini kaushik ने कहा…
आभार रवीन्द्र जी 🙏🙏
Anita ने कहा…
सही है, कितनी आसानी से लोग इस तरह के बयान दे देते हैं, डाक्टर लोभी होते हैं, ऐसा कहने वाले लोग भी बीमार पड़ने पर डाक्टर के पास जाते हैं
Neeraj Kumar ने कहा…
बढ़िया रचना !
Shalini kaushik ने कहा…
ऐसा कहने वाले अपने स्वार्थ उजागर करते हैं. सुन्दर प्रतिक्रिया हेतु आभार अनीता जी 🙏🙏
Shalini kaushik ने कहा…
आभार नीरज जी 🙏🙏
शुभा ने कहा…
वाह!,बहुत खूब!
Shalini kaushik ने कहा…
सत्य की झलक है यह, सुन्दर प्रतिक्रिया हेतु आभार शुभा जी 🙏🙏

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