कॉंग्रेस में ही है दम
आखिर कॉंग्रेस ने एक बार फिर दिखा दिया कि देश हित में वह किसी भी हद पर जाकर अपने दुश्मनों को भी साथ लेकर चल सकती है और उन्हें अपनी बात मानने को मजबूर कर सकती है .तेलंगाना पर अपनी धुर विरोधी भाजपा को कॉंग्रेस ने अपने साथ इस खूबी से जोड़ लिया कि वह कॉंग्रेस को कमजोर ,जनहित विरोधी सरकार कहते कहते न न करते हुए उससे अलग न हो सकी .यह खूबी कॉंग्रेस में ही है कि वह जो ठान ले उसे पूरा करके ही दम लेती है ऐसे में कॉंग्रेस से ही ये आशा की जा सकती है कि वह उत्तर प्रदेशके नागरिकों को भी इतने बड़े राज्य से उत्पन्न कठिनाइयों से छुटकारा दिलाएगी और मायावती जी द्वारा की गयी पहल के अनुसार उत्तर प्रदेश के चार टुकड़े कराकर यहाँ के नागरिकों को उनकी मेहनत के अनुसार सही फल दिलाएगी क्योंकि सभी दलों को सही राह दिखने की जो क्षमता कॉंग्रेस में है वह किसी में नहीं और ये कॉंग्रेस अध्यक्षा द्वारा देश हित के मुद्दों पर सभी दलों से और विपक्ष की नेता से बिना किसी अहम् के सहयोग की अपील किये जाने जैसे कृत्य स्वयंमेव ही साबित कर देते हैं .किसी शायर ने क्या खूब कहा है - ''कोई दुश्मन भी मिले तो करो बढ़कर सलाम, पहले खुद झ...