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खादी वाले मोदी -मुंह में राम बगल में छुरी /aalekh shalini kaushik लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

खादी वाले मोदी -मुंह में राम बगल में छुरी

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"खुद जिन्दगी के हुस्न का मैयार बेचकर,  दुनिया रईस हो गई किरदार बेचकर. "        अशोक 'साहिल'  के ये शब्द और भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दूसरे के समपूरक नजर आते हैं. चर्चाओं में बने रहने को मोदी कुछ भी कर सकते हैं, कुछ भी कह सकते हैं यह तो उनके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनते ही लग गया था प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने उन सभी आशंकाओं पर अपनी मुहर भी लगा दी.                     करोडों का सूट पहनने वाला शख्स स्वयं को फकीरों की श्रेणी का कहता है, मां का सम्मान कर दिखा ये स्वयं को नारी पूजक दिखाते हैं जो कि तभी पाखंड साबित हो जाता है जब कुआंरे बने फिरने वाले इनके लिए कांग्रेस के दिग्विजय सिंह द्वारा जसोदा बेन का नाम इनकी पत्नी के तौर पर सबके सामने लाया जाता है और जिसे फिर चुनाव लड़ने के लिए इन्हें अपने परिचय में लिखना पडता है, जो जसोदा बेन इतना सा ही होने पर ये सोचने लगती है कि शायद ज़िन्दगी भर की तपस्या का फल अब मिलने वाला है उसे फिर इनके द्वारा ऐसे ही भुला दिया जाता है जैसे दुष्यंत द्...