शाह सच बोल रहे हैं .....
''सच्चाई छिप नहीं सकती ,बनावट के उसूलों से , कि खुशबू आ नहीं सकती कभी कागज़ के फूलों से .'' दुश्मन फिल्म का ये गाना एकाएक भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इस दावे '' ढाई साल से थी नोटबंदी की तैयारी '' पढ़ते ही ज़ुबान पर आ गया .शाह का यह बयां मोदी के द्वारा नोटबंदी की आड़ में किये जा रहे घोटाले की तैयारी का सच सबके सामने ले आया और नोटबंदी की आड़ में अपने काले धन को जिस सफलता से मोदी-शाह की जोड़ी द्वारा ठिकाने लगाया गया उस सफलता के नशे को ऐसे ही सबके सामने ले आया जैसे कि एक शराबी शराब के नशे में अपना सारा सच उगल देता है . शाह ने ऐसे समय में नोटबंदी की तैयारी का दावा किया है जब विपक्ष नोटबंदी के बाद नियमों में ६० से अधिक बार हुए बदलाव पर सरकार की आलोचना कर रहा है .हालाँकि विपक्ष का यह आरोप गलत है कि मोदी सरकार ने पूरे देश को सीधे प्रभावित करने वाले फैसले को लागू करने से पूर्व तैयारी नहीं की जबकि शाह सच बोल रहे हैं कि ये ढाई साल से की गयी तैयारी है जो उनके द्वारा करोड़ों की संख्या में खोले गए जनधन खातों व् बचत खातों के रूप में बड़े जोर-शोर से शेख...