हाथ करें मजबूत
सरकार चलाना कोई बच्चों का खेल नहीं है: सोनिया गांधी भावनाएं वे क्या समझेंगे जिनकी आत्मा कलुषित हो , अटकल-पच्चू अनुमानों से मन जिनका प्रदूषित हो . ..................................................................... सौंपा था ये देश स्वयं ही हमने हाथ फिरंगी के , दिल पर रखकर हाथ कहो कुछ जब ये बात अनुचित हो . ....................................................................... डाल गले में स्वयं गुलामी आज़ादी खुद हासिल की , तोल रहे एक तुला में सबको क्यूं तुम इतने कुंठित हो . .............................................................................. देश चला है प्रगति पथ पर इसमें मेहनत है किसकी , दे सकता रफ़्तार वही है जिसमे ये काबिलियत हो . .......................................................................... अपने दल भी नहीं संभलते कहते देश संभालेंगें , क्यूं हो ऐसी बात में फंसते जो मिथ्या प्रचारित हो . ....................................................................... आँखों से आंसू बहने की हंसी उड़ाई जाती है , जज्बातों क...