अवसरवादी-एक लघु कथा
"वकील झूठ बोलते हैं" कहने वाले लाला जी को जब एक सिविल केस में कोर्ट में जाना पड़ा तो अपने वकील की दलीलों पर अपने वकील से हाथ मिलाते हुए बोले "NICE" द्वारा शालिनी कौशिक एडवोकेट कैराना (शामली)
मन चाहे खुश हो या दुखी कुछ कहता ज़रूर है.दुःख बाँटने से कम होता है और सुख बाँटने से बढ़ता है तो क्यों ना मन की बात आपसे बांटू ......