बेटी ऐसा जन्म न चाहे
हुआ है आज भी देखो एक और क़त्ल पर कहीं किसी चेहरे पर विषाद की छाया नहीं ! ..................................................................................................................................................... हर तरफ राहत हो रही महसूस जैसे किसी बहुत बड़ी विपदा से मिली मुक्ति ! ..................................................................................................................................................... कोई कह रहा चलो सारे जीवन भर का बोझ हटा कोई कह रहा हज़ार झंझट दूर हो गए ! ..................................................................................................................................................... देश का ,समाज का ,परिवार का कितना हुआ भला नहीं समझ पा रहे बस पालन-पोषण,शिक्षा -दहेज़ के खर्च को बचाने में खुद को सफल मान रहे ! ...............................................................................................................