संदेश

कन्या भ्रूण हत्या /कविता शालिनी कौशिक लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बेटी ऐसा जन्म न चाहे

चित्र
हुआ है आज भी देखो  एक और क़त्ल  पर कहीं किसी चेहरे पर  विषाद की छाया नहीं ! ..................................................................................................................................................... हर तरफ राहत  हो रही महसूस  जैसे किसी बहुत बड़ी  विपदा से मिली मुक्ति ! ..................................................................................................................................................... कोई कह रहा  चलो सारे जीवन भर का बोझ हटा  कोई कह रहा  हज़ार झंझट दूर हो गए ! ..................................................................................................................................................... देश का ,समाज का ,परिवार का  कितना हुआ भला  नहीं समझ पा रहे  बस पालन-पोषण,शिक्षा -दहेज़  के खर्च को बचाने में  खुद को सफल मान रहे ! ...............................................................................................................