हाफिज तेरे पाकिस्तान की खैर नहीं
२००८ के मुंबई हमलों की नौवीं बरसी आ गयी है और अभी तक इसके मास्टर माइंड सजा से बहुत दूर हैं दुःख होता है जब भी अपने शहीदों को याद करते हैं और सबसे ज्यादा दुःख तब होता है जब हमारे कर्मठ व् युवा अधिकारियों के असमय काल का ग्रास बन जाने के जिम्मेदार लोगों के सिर पर कोई रहम का हाथ रखता है और यह रहम का हाथ किसी और का न होकर अपने ही भाई का , जिगर के टुकड़े पाकिस्तान का हो तब खून में उबाल आ जाता है और पाकिस्तान ने एक बार फिर हमारे खून को उबाल दिया है मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद को नज़रबंदी से रिहा करके। मुंबई में बुधवार, 26 नवम्बर 2008 को देर रात मशहूर होटलों के समीप तथा कई अन्य प्रमुख जगहों पर कुछ समय के अंतराल में हुए दर्जन भर शृंखलाबद्ध विस्फोट और गोलीबारी हुई, जिसमें 237 लोगों की मौत हो गई थी जबकि लगभग 300 लोग घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार केवल मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन पर गोलीबारी में ही 10 लोगों की मौत हो गई थी । छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्टेशन के अतिरिक्त ताज होटल, होटल ओबेरॉय, लियोपोल्ड कैफ़े, कामा अस्पताल तथा दक्षिण...