न बदल पाएगा.............
न बदल पायेगा तकदीर तेरी कोई और , तेरे हाथों में ही बसती है तेरी किस्मत की डोर , अगर चाहेगा तो पहुंचेगा तू बुलंदी पर तेरे जीवन में भी आएगा तरक्की का एक दौर . तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने , दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी . जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत , कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी . तकदीर बनाने के लिए सुनले मेहरबां, दिल में जीतने का हमें जज्बा चाहिए . छूनी है अगर आगे बढ़के तुझको बुलंदी क़दमों में तेरे जोश और उल्लास चाहिए . मायूस होके रुकने से कुछ होगा न हासिल , उम्मीद के चिराग दिल में जलने चाहियें . चूमेगी कामयाबी आके माथे को तेरे बस इंतजार करने का कुछ सब्र चाहिए . क्या देखता है बार-बार हाथों को तू अपने , रेखाओं में नहीं बसती है तकदीर किसी की . गर करनी है हासिल तुझे जीवन में बुलंदी मज़बूत इरादों को बना पथ क...