साढ़े चार घण्टे और UP19AT6208
सीता चौक कांधला पर स्थित आवास श्री कौशल प्रसाद एडवोकेट के गेट के आगे यह ट्रक ठीक दोपहर 2 बजे आकर रुकता है, लगता है कि 10 या बीस मिनट मे चला जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता. घर पर रोज आने वाली भोली गाय 5.30 बजे आती है ट्रक के आगे पीछे घूमती है किन्तु कोई रास्ता उसे नहीं मिलता, हमे तो पता ही था कि नहीं मिलेगा. बेचारी भोली अन्दर आना चाहती थी मग़र बेबस थी वो भी और हम भी.पर किसी तरह हमने उसे ट्रक के आगे तसला सरकाकर चोकर खाने के लिए दिया और येन केन प्रकारेण पानी की बाल्टी रखकर पीने के पानी का इंतजाम किया. भोली गाय इस तरह खाना खाने इस बीच दो बार आई और एक बार तो बेचारी का सींग भी ट्रक में फंस गया था.
ये मोबाइल नंबर इस BOLERO MaXX PIK-UP ट्रक पर लिखा है और 4-52 पीएम से 6-15 तक बार बार मिलाए जाने के बावजूद भी ये नंबर स्विच ऑफ ही आता रहा. UP19AT6208 इस ट्रक का नंबर था. 6.22 pm पर ट्रक के मालिक लौटते हैं, उनसे हम पूछते हैं कि आपके ट्रक को जगह चाहिए, पर हमारे घर का क्या होगा, जिसका ये गेट है तो ट्रक मालिक कहते हैं कि ताला लगा हुआ था, हमने पूछा कि आपका नाम क्या है - उसने कहा - "आरिफ" हमने कहा - ताला कहां लगा था - उसने कहा - अन्दर, तब हमने कहा कि ये तो पता लगा होगा कि घर में कोई है और अगर बाहर भी ताला लगा है तो कोई अपने घर में आएगा ही, आपको किसने अधिकार दे दिया 4-30 घण्टे किसी के घर का गेट बंद करने का, फिर वह आरिफ ट्रक मे बैठा और ट्रक लेकर चला गया.
रोज की समस्या है ये
समाधान कोई है नहीं
सवाल बस ये हैं कि
1-ड्राइविंग लाइसेन्स के साथ वाहन पार्किंग के नियम क्यूँ नहीं बनाए जा रहे हैं?
2- अगर वाहन पार्किंग को लेकर मामूली सा विवाद बड़ा रूप ग्रहण कर लेता है तो क्या उसके जिम्मेदार सरकार और प्रशासन नहीं हैं?
विचार कीजिए - धन्यवाद 🙏🙏
द्वारा -
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)

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