लाला जी की समझौता एक्सप्रेस-एक लघु कथा

 


नेवी ब्लू सफारी सूट वाले लाला जी एक मामले में पायजामा कुर्ता पहनने वाले लाला जी का समझौता कराने चले, रास्ते में सूट वाले लाला जी पायजामा कुर्ते वाले लाला जी से थोड़ी दूर जाकर उनके विपक्षी को फोन कर बोले - "बेटे! मैं उसके साथ आ जरूर रहा हूं, पर तुम करना वही जो तुम्हें करना है।”

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

टिप्पणियाँ

Digvijay Agrawal ने कहा…
 आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में रविवार 11 अक्तूबर, 2026 को लिंक की जाएगी ....  http://halchalwith5links.blogspot.in  पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
Anita ने कहा…
थोड़ी देर नहीं थोड़ी दूर जाकर
Shalini kaushik ने कहा…
बहुत बहुत धन्यवाद दिग्विजय सर 🙏🙏
Shalini kaushik ने कहा…
धन्यवाद अनीता जी, अभी ठीक करती हूँ, त्रुटि सुधार कराने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद 🙏🙏

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