घमंड का पेड़-एक लघुकथा



 सफ़ारी सूट वाले लाला जी का पोता शिव मंदिर में उनके साथ खड़ा था, एक पेड़ को दिखाते हुए घमंड से कहने लगा कि यह पेड़ मैंने लगाया था, तभी तेज बारिश शुरू हो गई, पेड़ उखड़कर गिर गया, सारा घमंड मुंह छिपाकर भाग गया.

द्वारा 

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

टिप्पणियाँ

Anita ने कहा…
अस्तित्त्व को अहंकार जरा भी पसंद नहीं
Shalini kaushik ने कहा…
सत्य, सुन्दर प्रतिक्रिया हेतु आभार अनीता जी 🙏🙏

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