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जून, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कभी....... न देती

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न रखते हैं दुनिया में कभी जीने की हम चाहत , तभी तो मौत दरवाजे मेरे दस्तक नहीं देती . ..................................................... न खाते पेट भरने को जब खाने हम बैठें, तभी तो रोटी थाली की कभी भी ख़त्म न होती . .......................................................... नहीं हम जागना चाहें जो जाके बिस्तर पे लेटें , तभी तो नींद पलकों से जा कोसों दूर है बैठी . ............................................................ नहीं जो चाहो दुनिया में वही हर पल यहाँ मिलता , जो चाहा दिल ने शिद्दत से कभी मिलने नहीं देती .............................................................. तरसती ''शालिनी'' रहती सदा मन चाहा पाने को , कभी ख्वाबों को ये कुदरत हकीकत होने न देती . ............................................................... शालिनी कौशिक (कौशल) 

मीरा कुमार जी को हटाया क्यों नहीं सुषमा जी ?

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विपक्षी दलों ने जब से भाजपा के राष्ट्रपति पद के दलित उम्मीदवार श्री रामनाथ कोविंद के सामने दलित उम्मीदवार के ही रूप में मीरा कुमार जी को खड़ा किया है तब से भाजपा के नेताओं व् भाजपा के समर्थकों के पसीने छूटने लगे  हैं.कभी मीरा कुमार जी के दलित होने को लेकर सोशल मीडिया पर खील्ली उड़ाई जा रही है तो कभी उनके एक लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल को लेकर सुषमा स्वराज जी द्वारा व्यर्थ की बयानबाजी ट्विटर पर की जा रही है और ये सब उस घबराहट का परिणाम है जो कि अपने उम्मीदवार की हार जीत को लेकर उपजती है और जबकि सभी जानते हैं कि रामनाथ कोविंद जी की जीत तय है तब भी ये व्यर्थ की बयानबाजी ,सोशल मीडिया का दुरूपयोग ,समझ से परे है .        मीरा कुमार जी के पति को ब्राह्मण बताकर उनके दलित होने को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है और ये सब हो रहा है उनके पति श्री मंजुल कुमार जी के नाम में शास्त्री शब्द का जुड़ा होना जबकि सभी जानते हैं कि शास्त्री एक उपाधि है जिसे कोई भी शास्त्री की शिक्षा प्राप्त करके हासिल कर सकता है .        और रही उनके लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल की बात तो सबसे पहले हमें लोक

ईद मुबारक

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मुबारकबाद सबको दूँ ,जुदा अंदाज़ हैं मेरे , महक इस मौके में भर दूँ ,जुदा अंदाज़ हैं मेरे , ********************************************* मुब्तला आज हर बंदा ,महफ़िल -ए -रंग ज़माने में , मिलनसारी यहाँ भर दूँ ,जुदा अंदाज़ हैं मेरे , ************************************************************* मुक़द्दस दूज का महताब ,मुकम्मल हो गए रमजान , शमा हर रोशन अब कर दूँ ,जुदा अंदाज़ हैं मेरे , ********************************************************** रहे मज़लूम न कोई ,न हो मज़रूह हमारे से , मरज़ हर दूर अब कर दूँ ,जुदा अंदाज़ हैं मेरे . ************************************************************* ईद खुशियाँ मनाने को ,ख़ुदा का सबको है तौहफा , मिठास मुरौव्वत की भर दूँ ,जुदा अंदाज़ हैं मेरे . ******************************************************************** भुलाकर मज़हबी मुलम्मे ,मुहब्बत से गले मिल लें , मुस्तहक यारों का कर दूँ ,जुदा अंदाज़ हैं मेरे . *************************************************************** फ़तह हो बस शराफत की ,तरक्की पाए बस

कानून पर कामुकता हावी

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१६ दिसंबर २०१२ ,दामिनी गैंगरेप कांड ने हिला दिया था सियासत और समाज को ,चारो तरफ चीत्कार मची थी एक युवती के साथ हुई दरिंदगी को लेकर ,आंदोलन हुए ,सरकार पलटी ,दुष्कर्म सम्बन्धी कानून में बदलाव हुए लगा अब इस देश में नारी जीवन सुरक्षित होने जा रहा है ,जिस कानून में पहले सामूहिक बलात्संग की सजा मात्र १० वर्ष या आजीवन कारावास थी वही कानून अब अपराधियों को २० वर्ष या उनके प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास देने जा रहा था .मगर ये केवल सोच ही थी .  ये साबित करने के लिए किसी बड़े सबूत की आवश्यकता शायद नहीं कही जाएगी कि देश में नारी जीवन एक आपदा से कम नहीं है और इसके सम्बन्ध में चाहे कोई सरकार आये या चाहे कितना ही कठोर कानून ,नारी जीवन को सुरक्षित नहीं किया जा सकता .  अभी तीन दिन पहले ही महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने २ दया याचिकाएं ख़ारिज कर दी और दोनों ही दया याचिकाएं रेप के आरोपियों द्वारा की गयी थी उनके द्वारा जो २०-२२ साल के लड़के होने के बावजूद एक ४ साल की बच्ची तक पर दया नहीं कर सकते ,उन पर दया की भी नहीं जानी  चाहिए ,और यही सन्देश दिया हमारे महामहिम ने ,किन्तु क्या असर हुआ ,उनकी दया याचिका ख़ारिज

Happy Fathers day - 2017

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                             झुका दूं शीश अपना ये बिना सोचे जिन चरणों में , ऐसे पावन चरण मेरे पिता के कहलाते हैं . ……................................................... बेटे-बेटियों में फर्क जो करते यहाँ , ऐसे कम अक्लों को वे आईना दिखलाते हैं . ........................................................ शिक्षा दिलाई हमें बढाया साथ दे आगे , मुसीबतों से हमें लड़ना सिखलाते हैं . ........................................................ मिथ्या अभिमान से दूर रखकर हमें , सादगी सभ्यता का पाठ वे पढ़ाते हैं . ........................................................ कर्मवीरों की महत्ता जग में है चहुँ ओर, सही काम करने में वे आगे बढ़ाते हैं . ....................................................... जैसे पिता मिले मुझे ऐसे सभी को मिलें , अनायास दिल से ये शब्द निकल आते हैं . ......................................................                 शालिनी कौशिक                        [कौशल]

वकील ज्यादा समझदार वेस्ट यूपी में

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मेरठ बार एसोसिएशन के शपथग्रहण समारोह में प्रदेश के विधायी एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक ने वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की मांग का समर्थन किया और कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर समाधान निकालेंगे .       बेंच को लेकर 1979 से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता संघर्षरत हैं और इसके लिए वे अपने आर्थिक हितों को तो दरकिनार कर ही रहे हैं साथ ही जिस जनता के न्याय हित की खातिर वे ऐसा कर रहे हैं उससे ही अपने लिए अनाप-शनाप बातें सुन रहे हैं .       अब तक यह प्रतीत होता था कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं को बेंच के लिए सरकार के समर्थन व् न्याय के लिए दर-दर भटक रही जनता के अपर सहयोग की आवश्यकता है और अगर ऐसा हो जाये तो वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच बनते देर नहीं लगेगी ,लेकिन देर से ही सही परतें खुलने लगी हैं ,वास्तविकता नज़र आने लगी है .         वास्तव में बेंच के लिए आंदोलनरत अधिवक्ताओं में खंडपीठ की स्थापना की जहाँ बात है जैसे कि ''मेरठ '' ,वहां के अधिवक्ता तो जी-जान से जुटे हैं पर उनकी अधीनस्थ व् सहयोगी जिलों की कोर्ट्स के अधिवक्ता इस कार्य में बस पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईक

नारी :एक कामयाब अपराधी

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ईरान की संसद और खोमैनी के मकबरे पर इस्लामिक स्टेट के हमलों में 12 की मौत   ईरान की संसद और यहां के क्रांतिकारी संस्थापक रूहुल्लाह खोमैनी के मकबरे पर बुधवार को बंदूकधारियों और आत्मघाती हमलावरों ने सुनियोजित हमले किए, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई. इस्लामिक स्टेट समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है. लगातार कई घंटे तक की गई गोलीबारी में दर्जनों लोग घायल हुए हैं. आईएस ने अपनी अमाक एजेंसी के जरिये एक वीडियो जारी किया है, जिसमें हमलावर भवन के भीतर नजर आ रहे हैं. हमले के जारी रहते हुए जिम्मेदारी लेने का यह दुर्लभ मामला है. पुलिस ने बताया कि हमला शुरू होने के करीब पांच घंटे बाद अपराह्न तीन बजे के करीब तक सभी हमलावरों को मार गिराया गया. समाचार एजेंसी आईएसएनए के अनुसार तेहरान के संसद परिसर पर चार बंदूकधारियों ने राइफल और पिस्तौल से हमला किया. इस हमले में एक सुरक्षा गार्ड और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक वे महिलाओं के परिधान में थे और पर्यटकों के प्रवेश द्वार से घुसे थे. करीब-करीब उसी समय शहर के दक्षिण क्षेत्र में स्थित खोमैनी के मकबरे के परिसर म

...क़त्ल कर देता .

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अगर बिन दर्द के अपने मुझे तू क़त्ल कर देता , खुदा अपने ही हाथों से ये तेरी सांसें ले लेता , जन्म मेरा ज़मीं पर चाहा कब कभी किसने जुनूनी कोई भी बढ़कर कलम ये सर ही कर देता . ................................................................ दिलाओ मुझको हर तालीम हवाले फिर कहीं कर दो , भला अपने जिगर का टुकड़ा कोई ऐसे दे देता , तड़प जाती हैं रूहें भी हकीकत सोच कर ऐसी मोहब्बत तेरी बेटी को कोई तुझसी नहीं देता . ............................................................ लुटाकर के जहाँ अपना हैं तुमने बेटियां पाली , लुटे वो और घर जाकर ये कैसे देख तू लेता , जमाना कितना ज़ालिम है ये जाने हैं जहाँ वाले नहीं ऐसे में बेटी को जनम का दर्द है देता . ......................................................... खिलाया अपने आँगन में जिसे नन्हीं चिरैया सी , उसे वो बाज़ के हाथों परोसकर नहीं देता , तेरी आँखों का जो तारा ,तेरी जो गोद की गुड़िया वो तड़पे एक-एक दाने को सहन तू कैसे कर लेता . ............................................................... ज़माने ने भरे हैं दर्द गहरे जिसके जीवन में , उसे