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राजीव गांधी - सदैव हरदिल अजीज रहेंगे.

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एक  नमन  राजीव  जी  को  आज उनकी जयंती और वह भी 75 वीं जयंती के अवसर पर.राजीव जी बचपन से हमारे प्रिय नेता रहे आज भी याद है कि इंदिरा जी के निधन के समय हम सभी कैसे चाह रहे थे कि राजीव जी आयें और प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ जाएँ क्योंकि ये बच्चों की समझ थी कि जो जल्दी से आकर कुर्सी पर बैठ जायेगा वही प्रधानमंत्री हो जायेगा.तब हमारे दिमाग की क्या कहें वह तो उनके व्यक्तित्व पर ही मोहित था जो एक शायर के शब्दों में यूँ था- लताफत राजीव गाँधी,नफासत राजीव गाँधी ,
थे सिर से कदम तक एक शराफत राजीव गांधी
नज़र आते थे कितने खूबसूरत राजीव गांधी .'' राजीव जी का  जन्म २० अगस्त १९४४ को हुआ था और राजनीति से कोसों दूर रहने वाले राजीव जी अपनी माता श्रीमती इंदिरा जी के  कारण राजनीति में  आये और देश को पंचायत राज और युवा मताधिकार जैसे उपहार उन्होंने दिए .आज उनकी पुण्यतिथि केअवसर पर मैं उन्हें याद करने से स्वयं को नही रोक पाई किन्तु जानती हूँ कि राजीव जी भी राजनीति में आने के कारण बोफोर्स जैसे मुद्दे  अपने माथे पर लगाये २१ मई १९९१  को एक आत्मघाती हमले का शिकार होकर हम सभी को छोड़ गए आज भी याद है वह रात जब…

डॉ शंकर दयाल शर्मा - सदैव श्रद्धेय व्यक्तित्व

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आज जन्मदिन है देश के  नौवें राष्ट्रपति  डाक्टर शंकर दयाल शर्मा जी का और वे सदैव मेरे लिए श्रद्धा के पात्र रहेंगे क्योंकि उनके बारे में जो सबसे महत्वपूर्ण है वह ये कि मुझे अच्छी तरह से याद है कि देश के प्रथम नागरिक के पद से जब उनकी सेवानिवृति का अवसर आया तो उनके चेहरे पर तनिक भी विषाद  नहीं था बल्कि थी हमेशा की तरह मुस्कान। आज उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर मैं आपके और अपने लिए विकिपीडिया से कुछ जानकारी जुटा  लायी हूँ और चाहती हूँ कि आप भी मेरी तरह इन महान शख्सियत को ऐसे समय में याद करें और नमन करें जब स्वयं को देश पर थोपने वाले नेताओं की केंद्र में भीड़ बढती जा रही है। तो लीजिये आप भी जानिए हमारे देश को गौरवान्वित  और स्वयं किसी भी घमंड से दूर रहने वाले सीधे सरल इन्सान शंकर दयाल शर्मा जी के बारे में -
शंकरदयाल शर्माhttp://hi.wikipedia.org/s/17j मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से शंकरदयाल शर्माभारत के नवें राष्ट्रपति कार्य काल
२५ जुलाई१९९२ – २५ जुलाई१९९7उप राष्ट्रपति  कोच्चेरी रामण नारायणनपूर्ववर्तीरामस्वामी वेंकटरमणउत्तरावर्तीकोच्चेरी रामण नारायणनजन्म१९ अगस्त१९१८
भोपालमध्यप्रदेशभारतमृत्यु२६ द…

ख्वाहिश "शालिनी" की ये..... (स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं)

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तिरंगा शान है अपनी ,फ़लक पर आज फहराए ,

फतह की ये है निशानी ,फ़लक पर आज फहराए .
...
रहे महफूज़ अपना देश ,साये में सदा इसके ,

मुस्तकिल पाए बुलंदी फ़लक पर आज फहराए .
....

मिली जो आज़ादी हमको ,शरीक़ उसमे है ये भी,

शाकिर हम सभी इसके फ़लक पर आज फहराए .
...

क़सम खाई तले इसके ,भगा देंगे फिरंगी को ,

इरादों को दी मज़बूती फ़लक पर आज फहराए .
.......

शाहिद ये गुलामी का ,शाहिद ये फ़राखी का ,

हमसफ़र फिल हकीक़त में ,फ़लक पर आज फहराए .
....

वज़ूद मुल्क का अपने ,हशमत है ये हम सबका ,

पायतख्त की ये लताफत फ़लक पर आज फहराए .
......

दुनिया सिर झुकाती है रसूख देख कर इसका ,

ख्वाहिश ''शालिनी''की ये फ़लक पर आज फहराए .

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         शालिनी कौशिक [कौशल]














इंडिया वर्सेस एडवेंचर्स मोदी

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नई दिल्ली: डिस्कवरी चैनल के एडवेंचर शो 'मैन वर्सेज वाइल्ड (Man VS Wild)' के स्पेशल एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), बेयर ग्रिल्स (Bear Grylls) के साथ जंगल में खतरों से खेलते नजर आएंगे. पीएम नरेंद्र मोदी और बेयर ग्रिल्स (Bear Grylls) का ये स्पेशल एपिसोड उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Jim Corbett National Park) में शूट हुआ है. इस शो के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी के जीवन का कुछ अलग ही अंदाज देखने को मिलेगा. डिस्कवरी चैनल पर नरेंद्र मोदी का ये स्पेशल एपिसोड 12 अगस्त यानी आज टेलीकॉस्ट होगा. कहा ये जा रहा है कि एपिसोड को लेकर पाकिस्तान के लोगों का दर्द भी छलक रहा है जबकि अगर हम देश के ताज़ा हालात पर गौर फरमाएं तो हमें भी प्रधानमंत्री जैसे प्रमुख पद पर बैठे हुए नरेंद्र मोदी जी का यह सब करना गैर ज़रूरी और देश की आवाम के साथ धोखा नज़र आ रहा है.
         आज के हालात कहें या तब के हालात जब प्रधानमंत्री जी ने मैन वर्सेस वाइल्ड की शूटिंग की, दोनों ही समय में जब इन्हें सेना के, आम जनता के साथ खड़े होना चाहिए था, ये शूटिंग कर रहे थे. मैन वर्सेस वाइल्ड की जब शूटिंग हो…

वैमनस्य पर लगाम लगाएं जैन धर्म अनुयायी

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कल को देश भर में बकरीद का त्योहार मुसलमान धर्मावलम्बियों द्वारा पूरी अकीदत व श्रद्धा से मनाया जाएगा, आजकल देश भर में इस त्यौहार को मनाने वाले बहुत खुशी से इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं, ऐसे में एक समाचार इनकी खुशियों पर विराम लगाने आ जाता है कि मेरठ के 28 जैन मंदिरों में लाखों की संख्या में काटे जाने वाले पशुओं की आत्मा की शांति के लिए णमोकार मंत्र गूंजेगे।
             हर धर्म की अपनी मान्यताएं हैं अपने विधान हैं और अनुयायी संबंधित धर्म की मान्यताओं पर ही चलते हैं और अपने अनुसार उन सभी परंपराओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं जो उनके अनुसार धर्म के पालन के लिए ज़रूरी हैं और इस्लाम धर्म में भी बकरीद को लेकर बहुत सी मान्यताएँ हैं -
   मीठी ईद के ठीक दो महीने बाद बकरा ईद यानी कि बकरीद आती है. इसमें बकरे की कुर्बानी दी जाती है. लेकिन कम लोगों को ही यह मालूम होगा कि बकरीद पर बकरे के अलावा ऊंट की कुर्बानी देने का भी रिवाज है. लेकिन यह रिवाज देश और दुनिया के सिर्फ कुछ ही इलाकों में निभाया जाता है.
       दरअसल, बकरे की कुर्बानी देने के पीछे एक कहानी है. यह कहानी है अलैय सलाम नाम के एक आदमी…

क्या लड़कियां सम्पत्ति होती हैं?

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मोदी और शाह की जोड़ी द्वारा जब से कश्मीर से अनुच्छेद 370 व 35 A हटाया गया है सारे देश में एक चर्चा गर्म है - "कश्मीरी लड़कियों से शादी करने की" और न केवल आम जनता बल्कि सत्तारुढ़ पार्टी के जिम्मेदार नेता भी इस हवन में अपनी आहुति दे रहे हैं. भाजपा के उत्तर प्रदेश के खतौली क्षेत्र के विधायक विक्रम सिंह सैनी कहते हैं कि  "अब हर कोई गोरी कश्मीरी लड़कियों से शादी कर सकता है, " और हरियाणा के मुख्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर कहते हैं कि "अपने यहां कम पड़ेगी तो कश्मीर से मंगा लेंगे,".
          सवाल ये उठता है कि क्या वाकई लड़कियाँ कोई चीज़ या कोई सम्पत्ति हैं कि उनका जिसने जैसे चाहा इस्तेमाल कर लिया और ऐसा नहीं है कि यहां बात केवल भोली नादान लड़कियों की है बल्कि यहां हम बात ऐसी लड़कियों की भी कर रहे हैं जो आज के युग में सशक्तता की मिसाल बन चुकी थी.
     अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश बार कौंसिल अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुई कुमारी दरवेश यादव एडवोकेट की उनके साथी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केवल इसलिये हत्या कर दी कि दरवेश उनकी इच्छा के विरू…

ये श्री राम का देश है मलाला युसुफजई

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‘कश्मीरी लोग बरसों से मुश्किलें झेल रहे हैं। उनके हालात तब भी बुरे थे जब मैं छोटी थी, तब भी जब मेरे माता पिता छोटे थे और वे लोग तब भी मुश्किलों में जी रहे थे जब मेरे दादा जी जवान थे। उन्हें और कष्ट झेलने की जरूरत नहीं है।’ -मलाला का ट्वीट          मलाला युसूफजई का यह ट्वीट कश्मीर की जनता का दुख दर्द बयां करता है उस कश्मीर की जनता का जो शुरू से लेकर आज तक भारत में सरदार पटेल व श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बदौलत विशेष दर्जा प्राप्त कर रह रही थी, जिसे भारतीय जनता के मुकाबले बहुत सस्ता अन्न व जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होती थी, जिनकी ज़मीन भारत के किसी और हिस्से का नागरिक खरीद नहीं सकता था, जिनकी सुरक्षा पाकिस्तान जैसे नापाक पड़ौसी से करने में देश के दूर दराज के क्षेत्रों के युवा फौजी शहादत को प्राप्त हो गए, जिन्हें अपना यह विशेष दर्जा इतना पसंद था कि मुल्क़ की आवाम द्वारा बार बार आवाज़ उठाए जाने के बावज़ूद सरकार द्वारा इस ओर कदम नहीं बढ़ाया गया और जब मोदी सरकार द्वारा इस ओर कदम बढ़ाने की सोची भी गई तो पहले कश्मीरी जनता के द्वारा फैसले की खिलाफ़त को सोचते हुए वहां सात लाख के करीब सेना…