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2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

#क्या वाकई निर्भया?

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जो दिखाई देता है, हम सभी जानते हैं कि वह हमेशा सत्य नहीं होता है किन्तु फिर भी हम कुछ ऐसी मिट्टी के बने हुए हैं  कि तथ्यों की जांच परख किए बगैर दिखाए जा रहे परिदृश्य पर ही यकीन करते हैं और इसका फायदा भले ही कोई भी उठाता हो लेकिन हम अपनी भावुकतावश नुकसान में ही रहते हैं.  अभी दो दिन पहले ही तेलंगाना में एक पशु चिकित्सक डॉ प्रियंका रेड्डी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गयी और हत्या भी ऐसे कि लाश को इस बुरी तरह जला दिया गया कि उसकी पहचान का आधार बना एक अधजला स्कार्फ और गले में पड़ा हुआ गोल्ड पैंडैंट और मच गया चारों ओर कोहराम महिला के साथ निर्दयता का, सोशल मीडिया पर भरमार छा गई #kabtaknirbhaya की, सही भी है नारी क्या यही सब कुछ सहने को बनी हुई है, क्या वास्तव में उसका इस दुनिया में कुछ भी करना इतना मुश्किल है कि वह अगर घर से बाहर कहीं किसी मुश्किल में पड़ गई तो अपनी इज्ज़त, जिंदगी सब गंवाकर ही रहेगी, आज की परिस्थितियों में तो यही कहा जा सकता है किन्तु अगर बाद में सच कुछ और निकलता है तब हम सोशल मीडिया पर क्या लिखेंगे? सोचिए.           स्टार भारत पर प्रसारित किए जा रहे सावधान इंडिया में दि…

काँग्रेस की महान देन देश के लिए - जे एन यू.

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जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, देश की विख्यात शिक्षण संस्थानों में से एक, पिछले कुछ समय से, विशेष तौर पर उस समय से जब से नेहरू विरोधी सत्ता उभरकर सामने आई है एक ऐसे संस्थान के रूप में दिखाया जा रहा है जैसे यह संस्थान राष्ट्र विरोधी ताकतों का "अड्डा" हो, जबकि इस संस्थान का स्थापना से लेकर आज तक देश के विभिन्न मुद्दों पर क्या नजरिया रहा है और देश के संकट की घड़ी में यह संस्थान किस तरह देश के साथ खड़ा रहा है इस पर "अमर उजाला दैनिक" ने एक विस्तृत अवलोकन 22 नवंबर 2019 को प्रस्तुत किया और इस सभी की जानकारी देश को भटकाव की तरफ ले जाने वाले, देश के लिए कुर्बानी का जज्बा और समर्पण की भावना रखने वाले संस्थान की प्रसिद्धि को देश विरोधी गुट से जोड़ने की कोशिश करने वालों की कोशिशों को नाकाम करने के लिए हम सभी आम भारतीयों द्वारा जानना आवश्यक है -  14 नवंबर 1969 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। भारतीय संसद द्वारा 22 दिसंबर 1966 में इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था। जेएनयू को अधिनियम 1966 (1966 का 53) के तहत बनाया गया।
जेएनयू का उद्देश्य रहा है- अध्…

भारतीय ध्रुव तारा इंदिरा गांधी

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जब ये शीर्षक मेरे मन में आया तो मन का एक कोना जो सम्पूर्ण विश्व में पुरुष सत्ता के अस्तित्व को महसूस करता है कह उठा कि यह उक्ति  तो किसी पुरुष विभूति को ही प्राप्त हो सकती है  किन्तु तभी आँखों के समक्ष प्रस्तुत हुआ वह व्यक्तित्व जिसने समस्त  विश्व में पुरुष वर्चस्व को अपनी दूरदर्शिता व् सूक्ष्म सूझ बूझ से चुनौती दे सिर झुकाने को विवश किया है .वंश बेल को बढ़ाने ,कुल का नाम रोशन करने आदि न जाने कितने ही अरमानों को पूरा करने के लिए पुत्र की ही कामना की जाती है किन्तु इंदिरा जी ऐसी पुत्री साबित हुई जिनसे न केवल एक परिवार बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र गौरवान्वित अनुभव करता है  और  इसी कारण मेरा मन उन्हें ध्रुवतारा की उपाधि से नवाज़ने का हो गया और मैंने इस पोस्ट का ये शीर्षक बना दिया क्योंकि जैसे संसार के आकाश पर ध्रुवतारा सदा चमकता रहेगा वैसे ही इंदिरा प्रियदर्शिनी  ऐसा  ध्रुवतारा थी जिनकी यशोगाथा से हमारा भारतीय आकाश सदैव दैदीप्यमान  रहेगा। १९ नवम्बर १९१७ को इलाहाबाद के आनंद भवन में जन्म लेने वाली इंदिरा जी के लिए श्रीमती सरोजनी नायडू जी ने एक तार भेजकर कहा था -''वह भारत की नई आत्मा है .&…

और कितनी शहादत चाहिए नेहरू गाँधी परिवार से

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राहुल गांधी अपने व्यक्तित्व व परिवारिक लोकप्रियता के कारण जनता के दिलों में अपना एक अलग मुकाम रखते हैं और जनता के दिलों में राहुल गांधी के व उनके परिवार के प्रति यह प्यार विपक्षी भाजपा को इस कदर खटकता है कि वे कुछ भी करें तो भी और कुछ न करें तो भी उसे मुद्दा बनाकर देश की भोली-भाली जनता के मन में उनके लिए जहर घोलने की कोशिशें की जाती हैं और भारतीय जनता पार्टी में तो कुछ नेताओं को, कार्यकर्ताओं को यह ही जिम्मेदारी दी गई है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी पर नज़र रखो और समय समय पर इन्हें लेकर जो कुछ भी कह सकते हो, कहो, क्योंकि ये पार्टी जानती है कि अगर निरंतर किसी जगह पर चोट की जाए तो वह चोट निशान अवश्य छोड़ती है और आज इसी निरंतर प्रहार का असर ही है कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता में कायम है और देश के लिए अपनी कुर्बानी देने वाला यह परिवार अंध भक्तों के द्वारा कभी चोर तो कभी भ्रष्टाचारी कहा जा रहा है किन्तु ऐसा तभी है जब इस पार्टी द्वारा अपने अंध भक्तों की आंखों पर पूरी तरह से झूठ का पर्दा डाल दिया गया है और सच देखने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं साथ ही एक ऐसी हिप्नोटिज्म क…

मोदी के अभियान पर जैन महिला भारी

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श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की नई दिल्ली, राजपथ पर शुरूआत करते हुए कहा था कि “एक स्वच्छ भारत के द्वारा ही देश 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर अपनी सर्वोत्तम श्रद्धांजलि दे सकते हैं।” 2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन देश भर में व्यापक तौर पर राष्ट्रीय आंदोलन के रूप में शुरू किया गया था। इस अभियान के अंतर्गत 2 अक्टूबर 2019 तक “स्वच्छ भारत” की परिकल्पना को साकार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वच्छता के जन अभियान की अगुआई करते हुए प्रधान मंत्री ने जनता को महात्मा गांधी के स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण वाले भारत के निर्माण के सपने को साकार करने के लिए प्रेरित किया। श्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं मंदिर मार्ग पुलिस थाने में स्वच्छता अभियान को शुरू किया। धूल-मिट्टी को साफ़ करने के लिए झाडू उठाकर स्वच्छ भारत अभियान को पूरे राष्ट्र के लिए एक जन-आंदोलन का रूप दिया और कहा कि लोगों को न तो स्वयं गंदगी फैलानी चाहिए और न ही किसी और को फैलाने देना चाहिए। उन्होंने “न गंदगी करेंगे, न करने देंगे।” का मंत्र भी दिया। श्री नरेन्द्र मोदी ने नौ लोगों को स्वच्छता अभियान में शा…

उल्लू पर बैठी लक्ष्मी......

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वसुंधरा के हर कोने को जगमग आज बनायेंगे ,
जाति-धर्म का भेद-भूलकर मिलकर दीप जलाएंगे .
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पूजन मात्र आराधन से मात विराजें कभी नहीं ,
होत कृपा जब गृहलक्ष्मी को हम सम्मान दिलायेंगें .
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आतिशबाजी छोड़-छोड़कर बुरी शक्तियां नहीं मरें ,
करें प्रण अब बुरे भाव को दिल से दूर भगायेंगे .
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चौदह बरस के बिछड़े भाई आज के दिन ही गले मिले ,
गले लगाकर आज अयोध्या भारत देश बनायेंगे .
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सफल दीवाली तभी हमारी शिक्षित हो हर एक बच्चा ,
छाप अंगूठे का दिलद्दर घर घर से दूर हटायेंगे .
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भ्रष्टाचार ने मारा धक्का मुहं खोले महंगाई खड़ी ,
स्वार्थ को तजकर मितव्ययिता से इसको धूल चटाएंगे .
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वकीलों का कत्ल प्रदेश - वेस्ट यू पी

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कैराना कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता गुलजार की कल शाम अज्ञात बाईक सवारों ने उस समय हत्या कर दी जब वे अपने मुन्शी सचिन के साथ अपने गाँव सिक्का वापस जा रहे थे. हत्या के कारण में उनके भाई का अपनी पत्नी से विवाद सामने आ रहा है जिसमें मृतक अधिवक्ता गुलजार पैरवी कर रहे थे. यह अधिवक्ता की हत्या का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभी हाल ही में कोई पहला मामला नहीं है बल्कि अगर कहा जाए कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश अधिवक्ताओं के लिए कत्ल प्रदेश बन गया है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.  12 जून 2019 अधिवक्ता दरवेश यादव की गोली मारकर हत्या: उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष यादव की आगरा के दीवानी कचहरी के परिसर के भीतर बुधवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जहां वह रविवार को यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष के रूप में अपने चुनाव के बाद समारोह में भाग लेने गई थी. सत्कार समारोह के तुरंत बाद, यादव वरिष्ठ वकील अरविंद मिश्रा के कक्ष में गई , जहाँ उनके दोस्त मनीष शर्मा आए और अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारने से पहले उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। जब यह हादसा हुआ उस समय यादव समर्थकों औ…

सच में देश बदल देंगे मोदी

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BJP ✔ @BJP4India
मैं सोशल मिडिया जरूर देखता हूं इससे मुझे बाहर क्या चल रहा है इसकी जानकारी मिलती है। 
मैं आपका भी और टविंकल खन्ना जी का भी ट्विटर देखता हूं और जिस तरह वो मुझ पर गुस्सा निकालती हैं तो मैं समझता हूं की इससे आपके परिवार में बहुत शांति रहती होगी:पीएम #ModiWithAkshay #BharatKaGarvModi
ये ट्वीट है देश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति का और ये भी ध्यान देने की बात है कि ये ट्वीट प्रधानमंत्री जी ने अपने परम प्रिय अक्षय कुमार की पत्नी व बॉलिवुड अभिनेत्री टविंकल खन्ना के ट्विटर अकाउंट पर दी हैं और ऐसा नहीं है कि केवल इन्हीं से प्रधानमंत्री जी की मित्रता या मेल मिलाप है बल्कि अब तक के मोदी जी के आकलन में यह तथ्य प्रमुखता से उभरकर सामने आया है कि बॉलिवुड से जुड़ी लगभग हर नामचीन हस्ती से प्रधानमंत्री जी किसी न किसी तरह जुड़ने के बहाने खोजते रहते हैं इसलिए चाहे स्वच्छता अभियान हो, इंटरव्यू हो, गांधी जी की जन्मशती का इवेंट हो हर जगह बॉलिवुड के जमघट में मोदी जी घिरे हुए नज़र आते हैं और कभी बॉलिवुड स्टार तो कभी मोदी जी सेल्फी लेने को आतुर दिखाई देते हैं.  पीएम मोदी ने महात्मा गांधी के 1…

ये तो नेहरू से भी बड़े सिरदर्द

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महात्मा गांधी एक वह नाम जो एक पार्टी के लिए तारणहार तो एक पार्टी के लिए मारणहार की भूमिका में रहा है और यही कारण रहा कि एक पार्टी उन्हें बचाने में लगी रही तो एक पार्टी ने उन्हें निबटाने में अपनी अहम भूमिका निभाई किन्तु समय बीतते बीतते ऐसा समय आ गया कि मारणहार की लोकप्रियता और जन समुदाय का उनके प्रति प्यार दूसरी पार्टी की समझ में आ गया और यह भी समझ में आ गया कि वह भले ही इस धरती पर करोडों बार जन्म ले ले पर उनके प्रति जन भावना को पलट नहीं पाएगी. इसलिये दूसरी पार्टी ने उनके प्रति नरम रुख अख्तियार किया और इसके लिए दूसरी पार्टी को महात्मा गांधी के खिलाफ अंदरुनी हालत के मामले में भी काफी विरोध का सामना करना पड़ा, पार्टी की ही एक नेत्री मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ने एक बयान में कहा था कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे. जिसपर भारतीय जनता पार्टी की किरकिरी हुई थी और पूरे विपक्ष ने भाजपा को आड़े हाथों ले लिया था. किरकिरी के बाद साध्वी प्रज्ञा ने माफी मांग ली थी, लेकिन तबतक विवाद गहरा चुका था. पहले अमित शाह का बयान आया और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान दिया .इतना ह…

मैं किसी से कम थोड़े ही हूँ.

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दिखावा और औरतें आज के समय में एक दूसरे के पर्याय बने हुए हैं. थे तो पहले से ही, पर आज कुछ ज्यादा ही हो गए हैं और ऐसा नहीं है कि ऐसा मैं किसी व्यक्तिगत चिढ़ की वजह से कह रही हूँ बल्कि मैंने आज की औरतों को देखा है और महसूस किया है कि महज दिखावे के लिए ये अपनी सारी जिंदगी तबाह कर लेती हैं.  अभी कल ही करवा चौथ का त्यौहार मनाया गया, त्यौहार कल था पर तैयारियां पिछले 10 दिनों से शुरू थी, ठीक मुसलमान औरतों की तरह, जैसे मुसलमान औरतें ईद के मौके पर घर के काम के समान, पहनने ओढ़ने के कपड़े, चप्पल, श्रंगार के समान आदि सभी कुछ खरीदने में पैसा जाया करती फिरती हैं जैसे घर में सब कुछ खत्म ही हो गया हो ठीक वैसे ही अब हिन्दू औरतें भी करवा चौथ पर चूड़ी श्रंगार की दुकानों पर ऐसे खड़ी रहती हैं जैसे अब तक तो इन चीजों के बगैर रह रही थी और इस सब का कारण केवल इतना है कि पडोस वाली ले रही है तो हम ही पीछे क्यूँ रहें भले ही पति की मेहनत की कमाई को ही लुटाना पड़ जाए.  ऐसा ही करवा चौथ के व्रत के अनुष्ठान में हो रहा है, मम्मी जब करवा चौथ का व्रत करती थी तब वे बाजार से एक करवा मंगाती थी और करवा पानी से भरकर मंदिर मे…

अब तो आर. एस. एस. की ही लाठी

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बयान / भागवत ने कहा- भारत हिंदुओं का देश, इसीलिए दुनिया में सबसे सुखी मुसलमान यहां मिलेंगे.
     देश पर जान कुर्बान करने वाले, देश का संविधान बनाने वाले, देश का नव निर्माण करने वाले जिस भावना के लिए अपनी सारी ऊर्जा लगा गए उसे मिटाने के लिए आरंभ से प्रयत्नशील आर. एस. एस. को आखिर अपने इरादों में सफल होने का अवसर भारतीय जनता ने दे ही दिया और आर. एस. एस. प्रमुख मोहन भागवत को उस देश को एक धर्म विशेष का कहने का मौका मिल गया जिसके लिए वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को मद्देनजर रखते हुए देश के संविधान निर्माताओं द्वारा संविधान की उद्देशिका में ही निम्न व्यवस्था की गई थी -

"हम भारत के लोग, भारत को एक ( सम्पूर्ण प्रभुत्व - संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य) बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को :
 सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय:
विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता :
प्रतिष्ठा और अवसर की समता
प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में
व्यक्ति की गरिमा और
(राष्ट्र की एकता और अखंडता) सुनिश्चित करने वाली बंधुता
बढ़ाने के लिए दृढ़ संकल्प होकर अपनी इस संविधान स…

देह तक सिमटती आधुनिक नारी की सोच

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सर्दियों का मौसम लगभग आरंभ हो गया है. सुबह और शाम को हल्की हल्की ठंड महसूस होने लगी है. रात को सोते समय पंखों का बंद होना भी शुरू हो गया है. सुबह के समय खेतों पर जाते हुए लोग गरम चादर ओढ़कर जाते हुए दिखने लगे हैं. मौसम परिवर्तन लोगों की वेषभूषा में बदलाव तो लाता ही है किन्तु जितना अधिक बदलाव पुरुषों की वेशभूषा में लाता है उतना महिलाओं की वेषभूषा में नहीं, आखिर क्यूं? ये प्रश्न विचारणीय है.  सोनी टी वी पर आज कल एक विज्ञापन प्रचारित है जिसमें कैटरीना कैफ, रणबीर कपूर व आदित्य प्रतीक सिंह सिसौदिया उर्फ बादशाह ने काम किया है, बादशाह और रणबीर कपूर को देखकर लगता है कि सर्दी का मौसम बहुत जोरों पर है क्योंकि दोनों ही गरम भारी जैकेट पहने हुए हैं किन्तु तभी ध्यान जाता है कैटरीना कैफ पर, तो लगता है कि अभी तो सर्दी के मौसम की सोच भी दिमाग में लाना खुद पर जुल्म करना होगा क्योंकि कैटरीना साधारण गर्मी के वस्त्र पहने हुए हैं.  न केवल कैटरीना बल्कि आजकल अगर हम अपने आस-पास भी नज़र दौड़ाते हैं तो ये महिला - पुरुष का भेदभाव हमारी नज़रों से अछूता नहीं रहेगा, एक तरफ मौसम के इस बदलाव में पुरुष जहां सफारी सू…

रामानंद सागर को राम जी ने ही चुना.

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आज दशहरा है .जहाँ देखो रामलीला और रामायण की धूम है .आज बहुत से फिल्म निर्देशक और निर्माता रामायण की लोक प्रियता को भुनाने के मूड में हैं और राम के चरित्र से जुड़े इस कथानक पर आधारित धारावाहिकों व् फिल्मों की बाढ़ सी आ गयी है किन्तु यदि हम इन सभी की गुणवत्ता का आकलन करते हैं तो केवल रामानंद सागर जी की ''रामायण ''ही इस कसौटी पर खरी उतरती है .

सबसे पहले तो आज के धारावाहिक कहीं भी राम सीता की वह छवि प्रस्तुत नहीं कर पाते जो जन जन के मन में बसी है रामायण के राम और सीता के रूप में अरुण गोविल और दीपिका चिखिल्या ने जो अभिनय किया है वह कहीं से भी अभिनय नहीं लगता बल्कि वह उनमे हमें उसी प्रभु की छवि दिखाता है जो हमने बरसों से अपने मन में बसा रखी है अन्य धारावाहिक केवल एक नौटंकी सी लगते हैं जो गाँव गाँव में रामलीला के रूप में सामान्य जन जन द्वारा खेली जाती है .

न केवल राम सीता बल्कि यहाँ तो हर कलाकार बिलकुल रामयुग की याद दिलाते हैं भले ही महाराजा दशरथ हों या महारानी कौशल्या ,जनकराज हों या महारानी सुकन्या ,भरत ,लक्ष्मण ,सुमंत ,रावन ,मेघनाद आदि सभी असली ही लगते हैं यही नहीं कि केवल…

दो अक्टूबर विशेष

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एक की लाठी सत्य अहिंसा एक मूर्ति सादगी की,

दोनों ने ही अलख जगाई देश की खातिर मरने की .

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जेल में जाते बापू बढ़कर सहते मार अहिंसा में ,

आखिर में आवाज़ बुलंद की कुछ करने या मरने की .

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लाल बहादुर सेनानी थे गाँधी जी से थे प्रेरित ,

देश प्रेम में छोड़ के शिक्षा थामी डोर आज़ादी की .

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सत्य अहिंसा की लाठी ले फिरंगियों को भगा दिया ,

बापू ने अपनी लाठी से नीव जमाई भारत की .

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आज़ादी के लिए लड़े वे देश का नव निर्माण किया ,

सर्व सम्मति से ही संभाली कुर्सी प्रधानमंत्री की .

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मिटे गुलामी देश की अपने बढ़ें सभी मिलकर आगे ,

स्व-प्रयत्नों से दी है बढ़कर साँस हमें आज़ादी की .

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नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

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शीश नवायेंगें मैया को
दर पर चलकर जाएंगे.
मैया तेरे आशीषों से
खुशियां खुलकर पाएंगे.
https://youtu.be/B-9A8Q62Ddc
(मेरा भजन मेरे स्वर में)
शालिनी कौशिक
(कौशल)

ओ डी एफ पर प्रश्नचिन्ह ग्रामीण महिलाएँ

प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा पिछले कार्यकाल में ओ डी एफ जैसी महात्वाकांक्षी योजना चलायी गयी, बड़े बड़े दावे किए गए कि ये योजना महिलाओं के सम्मान के लिए उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है और इसी साल ये घोषणा की गई है कि पूरा उत्तर प्रदेश ओ डी एफ घोषित किया जाता है जबकि सच्चाई कुछ और ही है और सच्चाई यह है कि न तो उन महिलाओं को ऐसा कोई सम्मान चाहिए और न ही उत्तर प्रदेश कभी भी ओ डी एफ हो सकता है क्योंकि जैसे कि पुरुष कहीं भी मूत्र विसर्जन के लिए खड़े हो जाते हैं ऐसा ही गाँव की महिलाएं भी करती हैं और मोदी जी द्वारा बनवाए गए शौचालयों का बहिष्कार कर कहीं भी अपने गाँव से बाहर गाड़ी में बैठकर आकर किसी के भी घर के बाहर मूत्र विसर्जन के लिए बैठ जाती हैं और ऐसा इसलिये भी करती हैं क्योंकि पहले तो शौचालय का प्रयोग धार्मिक अंध बुद्धि के खिलाफ है और दूसरे ऐसा करना उनके उन संस्कारों के विरुद्ध है जो उन्हें सिखाते हैं कि " वादडिया सुजादडिया जप शरीरा नाल" इसलिये मोदी जी की ओ डी एफ कम से कम उत्तर प्रदेश में तो कभी भी सफल नहीं हो सकती क्योंकि यू पी के गाँव की महिलाएं कभी भी सुधर नहीं सकती.
शालिनी कौश…

अर्पण करते स्व जीवन - शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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अर्पण करते स्व-जीवन शिक्षा की अलख जगाने में ,
रत रहते प्रतिपल-प्रतिदिन  शिक्षा की राह बनाने में . ..........................................................................................
आओ मिलकर करें स्मरण नमन करें इनको मिलकर , जिनका जीवन हुआ सहायक हमको सफल बनाने में . .........................................................................................
जीवन-पथ पर आगे बढ़ना इनसे ही हमने सीखा , ये ही निभाएं मुख्य भूमिका हमको राह दिखाने में . .......................................................................................
खड़ी बुराई जब मुहं खोले हमको खाने को तत्पर , रक्षक बनकर आगे बढ़कर ये ही लगे बचाने में . ................................................................................... मात-पिता ये नहीं हैं होते मात-पिता से भी बढ़कर , गलत सही का भेद बताकर लगे हमें समझाने में . ................................................................................... पुष्प समान खिले जब शिष्य प्रफुल्लित मन हो इनका , करें अनुभव गर्व यहाँ ये उसको श्रेय दिलाने में . .........................…