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वैमनस्य पर लगाम लगाएं जैन धर्म अनुयायी

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कल को देश भर में बकरीद का त्योहार मुसलमान धर्मावलम्बियों द्वारा पूरी अकीदत व श्रद्धा से मनाया जाएगा, आजकल देश भर में इस त्यौहार को मनाने वाले बहुत खुशी से इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं, ऐसे में एक समाचार इनकी खुशियों पर विराम लगाने आ जाता है कि मेरठ के 28 जैन मंदिरों में लाखों की संख्या में काटे जाने वाले पशुओं की आत्मा की शांति के लिए णमोकार मंत्र गूंजेगे।              हर धर्म की अपनी मान्यताएं हैं अपने विधान हैं और अनुयायी संबंधित धर्म की मान्यताओं पर ही चलते हैं और अपने अनुसार उन सभी परंपराओं को पूरा करने की कोशिश करते हैं जो उनके अनुसार धर्म के पालन के लिए ज़रूरी हैं और इस्लाम धर्म में भी बकरीद को लेकर बहुत सी मान्यताएँ हैं -    मीठी ईद के ठीक दो महीने बाद बकरा ईद यानी कि बकरीद आती है. इसमें बकरे की कुर्बानी दी जाती है. लेकिन कम लोगों को ही यह मालूम होगा कि बकरीद पर बकरे के अलावा ऊंट की कुर्बानी देने का भी रिवाज है. लेकिन यह रिवाज देश और दुनिया के सिर्फ कुछ ही इलाकों में निभाया जाता है.        दरअसल, बकरे की कु...

मीरा कुमार जी को हटाया क्यों नहीं सुषमा जी ?

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विपक्षी दलों ने जब से भाजपा के राष्ट्रपति पद के दलित उम्मीदवार श्री रामनाथ कोविंद के सामने दलित उम्मीदवार के ही रूप में मीरा कुमार जी को खड़ा किया है तब से भाजपा के नेताओं व् भाजपा के समर्थकों के पसीने छूटने लगे  हैं.कभी मीरा कुमार जी के दलित होने को लेकर सोशल मीडिया पर खील्ली उड़ाई जा रही है तो कभी उनके एक लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल को लेकर सुषमा स्वराज जी द्वारा व्यर्थ की बयानबाजी ट्विटर पर की जा रही है और ये सब उस घबराहट का परिणाम है जो कि अपने उम्मीदवार की हार जीत को लेकर उपजती है और जबकि सभी जानते हैं कि रामनाथ कोविंद जी की जीत तय है तब भी ये व्यर्थ की बयानबाजी ,सोशल मीडिया का दुरूपयोग ,समझ से परे है .        मीरा कुमार जी के पति को ब्राह्मण बताकर उनके दलित होने को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है और ये सब हो रहा है उनके पति श्री मंजुल कुमार जी के नाम में शास्त्री शब्द का जुड़ा होना जबकि सभी जानते हैं कि शास्त्री एक उपाधि है जिसे कोई भी शास्त्री की शिक्षा प्राप्त करके हासिल कर सकता है .        और रही उनके लोकसभा अध्यक्ष के र...

कानून पर कामुकता हावी

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१६ दिसंबर २०१२ ,दामिनी गैंगरेप कांड ने हिला दिया था सियासत और समाज को ,चारो तरफ चीत्कार मची थी एक युवती के साथ हुई दरिंदगी को लेकर ,आंदोलन हुए ,सरकार पलटी ,दुष्कर्म सम्बन्धी कानून में बदलाव हुए लगा अब इस देश में नारी जीवन सुरक्षित होने जा रहा है ,जिस कानून में पहले सामूहिक बलात्संग की सजा मात्र १० वर्ष या आजीवन कारावास थी वही कानून अब अपराधियों को २० वर्ष या उनके प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास देने जा रहा था .मगर ये केवल सोच ही थी .  ये साबित करने के लिए किसी बड़े सबूत की आवश्यकता शायद नहीं कही जाएगी कि देश में नारी जीवन एक आपदा से कम नहीं है और इसके सम्बन्ध में चाहे कोई सरकार आये या चाहे कितना ही कठोर कानून ,नारी जीवन को सुरक्षित नहीं किया जा सकता .  अभी तीन दिन पहले ही महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने २ दया याचिकाएं ख़ारिज कर दी और दोनों ही दया याचिकाएं रेप के आरोपियों द्वारा की गयी थी उनके द्वारा जो २०-२२ साल के लड़के होने के बावजूद एक ४ साल की बच्ची तक पर दया नहीं कर सकते ,उन पर दया की भी नहीं जानी  चाहिए ,और यही सन्देश दिया हमारे महामहिम ने ,किन्तु क्या असर हुआ ,उनक...

नारी :एक कामयाब अपराधी

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ईरान की संसद और खोमैनी के मकबरे पर इस्लामिक स्टेट के हमलों में 12 की मौत   ईरान की संसद और यहां के क्रांतिकारी संस्थापक रूहुल्लाह खोमैनी के मकबरे पर बुधवार को बंदूकधारियों और आत्मघाती हमलावरों ने सुनियोजित हमले किए, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई. इस्लामिक स्टेट समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है. लगातार कई घंटे तक की गई गोलीबारी में दर्जनों लोग घायल हुए हैं. आईएस ने अपनी अमाक एजेंसी के जरिये एक वीडियो जारी किया है, जिसमें हमलावर भवन के भीतर नजर आ रहे हैं. हमले के जारी रहते हुए जिम्मेदारी लेने का यह दुर्लभ मामला है. पुलिस ने बताया कि हमला शुरू होने के करीब पांच घंटे बाद अपराह्न तीन बजे के करीब तक सभी हमलावरों को मार गिराया गया. समाचार एजेंसी आईएसएनए के अनुसार तेहरान के संसद परिसर पर चार बंदूकधारियों ने राइफल और पिस्तौल से हमला किया. इस हमले में एक सुरक्षा गार्ड और एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक वे महिलाओं के परिधान में थे और पर्यटकों के प्रवेश द्वार से घुसे थे. करीब-करीब उसी समय शहर के दक्षिण क्षेत्र में स्थित खोमैनी के मकबरे के परि...

भाजपा देगी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच ?

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      भाजपा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच, सोचकर भी दिल इस पार्टी से किसी सकारात्मक रवैये की आशा नहीं रख पाता और अगर रखना भी चाहे तो ये पार्टी अपनी हरकतों से उस पर पानी फेर देती है। २३ जुलाई २०१५ को पार्टी के प्रमुख नेता देश के केंद्रीय कानून मंत्री सदानंद गौड़ा जी कहते हैं -''कि केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच चाहता है किन्तु यह खंडपीठ कहाँ हो यह उच्चस्तरीय विचार का विषय है। ''        ऐसा नहीं है कि केवल वे ही इसमें ऐसे हैं जो खंडपीठ मामले को उलझाने के लिए इस आंदोलन में दरार डालने का काम कर रहे हों। अंग्रेजी शासन से पूरी तरह से प्रेरणा ग्रहण करने वाली भाजपा अपने हर शख्स में इस गुण का गहराई से समावेश रखती है। जबसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं ने यह नारा बुलंद किया है ''अभी नहीं तो कभी नहीं '' तबसे लार्ड कर्जन के पद चिन्हों पर चलने वाली यह पार्टी वेस्ट यूपी में ''फूट डालो राज करो '' की नीति ही अपनाकर काम चला रही है। सदानंद गौड़ा तो आगरा और मेरठ के बीच प्रभुत्व की लड़ाई के बीज बो गए और इनके वर्तमा...