सुनवाई बीजेपी कण्ट्रोल के बाद
बीजेपी का चुनाव घोषणापत्र 2014 बीजेपी का चुनाव घोषणापत्र 1998 का लिंक जब से बीजेपी सत्ता में आयी है तब से हमारा मीडिया तो पहले ही यह शुरू कर चुका है कि किसी भी तरकीब से कॉंग्रेस के किसी भी कदम को ,किसी भी नेता को उपहास की श्रेणी में लाया जाये .पप्पू नाम राहुल गाँधी के लिए इसी मीडिया की देन है और उपहास की ऐसी श्रेणी जिसकी इज़ाज़त भारतीय लोकतंत्र कभी नहीं देता किन्तु जब सत्ताधारी ही इस कदर उच्छृंखल हो तो उससे वाहवाही लूटने को ये सब हथकंडे इस्तेमाल किये ही जाते हैं पर आज दुःख उच्चतम न्यायालय द्वारा सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील कपिल सिब्बल के रोजाना सुनवाई होने से 2019 के चुनावों पर पड़ने वाले फर्क के तर्क को मानने से इंकार पर है जो कि कॉंग्रेस की स्थिति पर फिर मजाकिया सवाल खड़ा कर गया है क्योंकि सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील बाई-चांस कॉंग्रेस के वरिष्ठ सदस्य भी है . भारतवर्ष में करोडो केस चल रहे हैं और सभी केस लगभग रोज़ सुनवाई की दरकार रखते हैं और कितने ही लोग रोज़-रोज़ की तारीखों से तंग आकर अपने हित को छोड़कर...