पोस्ट

सितंबर, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं

इमेज
शीश नवायेंगें मैया को दर पर चलकर जाएंगे. मैया तेरे आशीषों से खुशियां खुलकर पाएंगे. https://youtu.be/B-9A8Q62Ddc (मेरा भजन मेरे स्वर में) शालिनी कौशिक (कौशल) 

ओ डी एफ पर प्रश्नचिन्ह ग्रामीण महिलाएँ

प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा पिछले कार्यकाल में ओ डी एफ जैसी महात्वाकांक्षी योजना चलायी गयी, बड़े बड़े दावे किए गए कि ये योजना महिलाओं के सम्मान के लिए उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है और इसी साल ये घोषणा की गई है कि पूरा उत्तर प्रदेश ओ डी एफ घोषित किया जाता है जबकि सच्चाई कुछ और ही है और सच्चाई यह है कि न तो उन महिलाओं को ऐसा कोई सम्मान चाहिए और न ही उत्तर प्रदेश कभी भी ओ डी एफ हो सकता है क्योंकि जैसे कि पुरुष कहीं भी मूत्र विसर्जन के लिए खड़े हो जाते हैं ऐसा ही गाँव की महिलाएं भी करती हैं और मोदी जी द्वारा बनवाए गए शौचालयों का बहिष्कार कर कहीं भी अपने गाँव से बाहर गाड़ी में बैठकर आकर किसी के भी घर के बाहर मूत्र विसर्जन के लिए बैठ जाती हैं और ऐसा इसलिये भी करती हैं क्योंकि पहले तो शौचालय का प्रयोग धार्मिक अंध बुद्धि के खिलाफ है और दूसरे ऐसा करना उनके उन संस्कारों के विरुद्ध है जो उन्हें सिखाते हैं कि " वादडिया सुजादडिया जप शरीरा नाल" इसलिये मोदी जी की ओ डी एफ कम से कम उत्तर प्रदेश में तो कभी भी सफल नहीं हो सकती क्योंकि यू पी के गाँव की महिलाएं कभी भी सुधर नहीं सकती. शालिनी कौश

अर्पण करते स्व जीवन - शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

इमेज
अर्पण करते स्व-जीवन शिक्षा की अलख जगाने में , रत रहते प्रतिपल-प्रतिदिन  शिक्षा की राह बनाने में . .......................................................................................... आओ मिलकर करें स्मरण नमन करें इनको मिलकर , जिनका जीवन हुआ सहायक हमको सफल बनाने में . ......................................................................................... जीवन-पथ पर आगे बढ़ना इनसे ही हमने सीखा , ये ही निभाएं मुख्य भूमिका हमको राह  दिखाने में    . ....................................................................................... खड़ी बुराई जब मुहं खोले हमको खाने को तत्पर , रक्षक बनकर आगे बढ़कर ये ही लगे बचाने में . ................................................................................... मात-पिता ये नहीं हैं होते मात-पिता से भी बढ़कर , गलत सही का भेद बताकर लगे हमें समझाने में . ................................................................................... पुष्प समान खिले जब शिष्य प्रफुल्लित मन हो इनका , करें अनुभव गर्व यहाँ ये