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होली है 👍

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  ·              कल  जब मैं बाज़ार से घर लौट रही थी तो देखा   कि स्कूलों से बच्चे रंगे हुए   लौट रहे हैं और वे खुश भी थे जबकि मैं उनकी   यूनीफ़ॉर्म के रंग जाने के   कारण   ये सोच रही थी कि जब ये घर पहुंचेंगे तो इनकी मम्मी ज़रूर इन पर गुस्सा   होंगी .बड़े होने पर हमारे मन में ऐसे ही भाव आ जाते हैं जबकि किसी भी   त्यौहार का पूरा   आनंद     बच्चे ही लेते हैं क्योंकि वे बिलकुल निश्छल भाव से   भरे होते हैं और हमारे मन चिंताओं से ग्रसित हो जाते हैं किन्तु ये बड़ों   का ही   काम है कि वे बच्चों में ऐसी भावनाएं भरें जिससे बच्चे अच्छे ढंग से   होली मनाएं.हमें चाहिए कि हम उनसे कहें कि होली आत्मीयता का त्यौहार है   इसमें हम सभी को मिलजुल कर आपस में ही त्यौहार मानना चाहिए और कोशिश करनी   चाहिए की हमारे काम से किसी के दिल को चोट न पहुंचे.ये कह कर   कि "बुरा न   मानो    होली है "कहने से गलत काम को सही नहीं किया जा सकता इसलिए कोशि...

होली की शुभकामनायें तभी जब होली ऐसे मनाएं

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  ·              कल  जब मैं बाज़ार से घर लौट रही थी तो देखा   कि स्कूलों से बच्चे रंगे हुए   लौट रहे हैं और वे खुश भी थे जबकि मैं उनकी   यूनीफ़ॉर्म के रंग जाने के   कारण   ये सोच रही थी कि जब ये घर पहुंचेंगे तो इनकी मम्मी ज़रूर इन पर गुस्सा   होंगी .बड़े होने पर हमारे मन में ऐसे ही भाव आ जाते हैं जबकि किसी भी   त्यौहार का पूरा   आनंद     बच्चे ही लेते हैं क्योंकि वे बिलकुल निश्छल भाव से   भरे होते हैं और हमारे मन चिंताओं से ग्रसित हो जाते हैं किन्तु ये बड़ों   का ही   काम है कि वे बच्चों में ऐसी भावनाएं भरें जिससे बच्चे अच्छे ढंग से   होली मनाएं.हमें चाहिए कि हम उनसे कहें कि होली आत्मीयता का त्यौहार है   इसमें हम सभी को मिलजुल कर आपस में ही त्यौहार मानना चाहिए और कोशिश करनी   चाहिए की हमारे काम से किसी के दिल को चोट न पहुंचे.ये कह कर   कि "बुरा न   मानो    होली है "कहने से गलत काम को सही नहीं किया जा सकता इसलिए कोशि...

होली को खेलो होली और नहीं कुछ ....

  आज मुझे ब्लॉग परिवार में बहुत सी होली की शुभकामनायें मिली किन्तु दुःख यह रहा कि  इंटरनेट के सही रूप से काम  न कर पाने के कारण  मैं अभी तक किसी को भी होली की शुभकामनायें प्रेषित नहीं कर पाई हूँ फिर मैंने सोचा की क्यों न मैं एक पोस्ट के माध्यम से ये पुनीत कार्य कर ही डालूँ.     आज जब मैं बाज़ार से घर लौट रही थी तो देखा कि स्कूलों से बच्चे रंगे हुए लौट रहे हैं और वे खुश भी थे जबकि मैं उनकी यूनीफ़ॉर्म के रंग जाने के कारण ये सोच रही थी कि जब ये घर पहुंचेंगे तो इनकी मम्मी ज़रूर इन पर गुस्सा होंगी .बड़े होने पर हमारे मन में ऐसे ही भाव आ जाते हैं जबकि किसी भी त्यौहार का पूरा आनंद   बच्चे ही लेते हैं क्योंकि वे बिलकुल निश्छल भाव से भरे होते हैं और हमारे मन चिंताओं से ग्रसित हो जाते हैं किन्तु ये बड़ों का ही काम है कि वे बच्चों में ऐसी भावनाएं भरें जिससे बच्चे अच्छे ढंग से होली मनाएं.हमें चाहिए कि हम उनसे कहें कि होली आत्मीयता का त्यौहार है इसमें हम सभी को मिलजुल कर आपस में ही त्यौहार मानना चाहिए औ...