अखिल जगत में राम नारी का इसलिए अभिमान हैं .
मर्यादा से बंधे हुए वे पुरुषोत्तम भगवान हैं , दशरथ जी के राजदुलारे मनभावन श्रीराम हैं . ............................... मात सुमित्रा कैकयी का वे कौशल्या सम मान करें , भरत शत्रुघ्न लखन लाल को ये प्रभु का वरदान हैं . ............................. पालन करें पितु वचन का ब्रह्म ऋषि के साथ चले , करते वध हैं राक्षसों का रखते यज्ञ का ध्यान हैं . ............................. ब्रह्म ऋषि की आज्ञा मानी धनुष यज्ञ में भाग लिया , सीता से नाता जोड़ें वे रखते क्षत्रिय मान हैं . ................... वचन पिता ने दिए मात को पूरा उनको राम करें , राज-पाट से श्रेष्ठ ह्रदय में तब वन का स्थान है . ........................ लखन सिया के संग संग वन में ऋषियों के उपदेश सुनें, रक्षा करते सभी जनों की करते नहीं गुमान हैं . ................. न्याय दिलाएं मित्र को अपने बालिवध का काज करें , मित्रता का समस्त विश्व में सर्वश्रेष्ठ प्रमाण हैं . .......... सिया हरण का सबक सिखाने रावन का संहार करें , अखिल जगत में राम नारी का इसलिए अभिमान हैं . ... शालिनी कौशिक [कौशल ]