अखिल जगत में राम नारी का इसलिए अभिमान हैं .

 




मर्यादा से बंधे हुए वे पुरुषोत्तम भगवान हैं ,

दशरथ जी के राजदुलारे मनभावन श्रीराम हैं .

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मात सुमित्रा कैकयी का वे कौशल्या सम मान करें ,

भरत शत्रुघ्न लखन लाल को ये प्रभु का वरदान हैं .

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पालन करें पितु वचन का ब्रह्म ऋषि के साथ चले ,

करते वध हैं राक्षसों का रखते यज्ञ का ध्यान हैं .

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ब्रह्म ऋषि की आज्ञा मानी धनुष यज्ञ में भाग लिया ,

सीता से नाता जोड़ें वे रखते क्षत्रिय मान हैं .

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वचन पिता ने दिए मात को पूरा उनको राम करें ,

राज-पाट से श्रेष्ठ ह्रदय में तब वन का स्थान है .

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लखन सिया के संग संग वन में ऋषियों के उपदेश सुनें,

रक्षा करते सभी जनों की करते नहीं गुमान हैं .

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न्याय दिलाएं मित्र को अपने बालिवध का काज करें ,

मित्रता का समस्त विश्व में सर्वश्रेष्ठ प्रमाण हैं .

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सिया हरण का सबक सिखाने रावन का संहार करें ,

अखिल जगत में राम नारी का इसलिए अभिमान हैं .

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शालिनी कौशिक

[कौशल ]

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