न छोड़ते हैं साथ कभी सच्चे मददगार.



आंसू ही उमरे-रफ्ता के होते हैं मददगार,
न छोड़ते हैं साथ कभी सच्चे मददगार.

मिलने पर मसर्रत भले दुःख याद न आये,
आते हैं नयनों से निकल जरखेज़ मददगार.

बादल ग़मों के छाते हैं इन्सान के मुख पर ,
आकर करें मादूम उन्हें ये निगराँ मददगार.

अपनों का साथ देने को आरास्ता हर पल,
ले आते आलमे-फरेफ्तगी ये मददगार.

आंसू की एहसानमंद है तबसे ''शालिनी''
जब से हैं मय्यसर उसे कमज़र्फ मददगार.


कुछ शब्द-अर्थ:
उमरे-रफ्ता--गुज़रती हुई जिंदगी,
जरखेज़-कीमती,
मादूम-नष्ट-समाप्त,
आलमे-फरेफ्तगी--दीवानगी का आलम.

शालिनी कौशिक
http://shalinikaushik2.blogspot.com

टिप्पणियाँ

रविकर ने कहा…
बहुत खूब ||
बधाई ||

http://dcgpthravikar.blogspot.com/2011/10/blog-post_13.html
रविकर ने कहा…
समय चाहिए आज आप से,
पाई फुर्सत बाढ़ - ताप से |
परिचय पढ़िए, प्रस्तुति प्रतिपल,
शुक्रवार के इस प्रभात से ||
टिप्पणियों से धन्य कीजिए,
अपने दिल की प्रेम-माप से |
चर्चा मंच की बाढ़े शोभा ,
भाई-भगिनी, चरण-चाप से ||
बहुत सुंदर पंक्तियाँ ...
Atul Shrivastava ने कहा…
सुंदर प्रस्‍त‍ुति।
हर शेर दमदार।
S.N SHUKLA ने कहा…
इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकारें
kanu..... ने कहा…
bahut sundar....kafi dino baar padha aapko.accha laga.gazal behatareen hai
रेखा ने कहा…
सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति ..
आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।
Dr.Ashutosh Mishra "Ashu" ने कहा…
is sunder ghazal ke liye hardik badhayee
देवेन्द्र ने कहा…
खूबसूरत व भावपूर्ण गजल प्रस्तुति के लिये बधाई।
बहुत सुन्दर लेख,
SHAKTI PRAJAPATI ने कहा…
SHUBHKAMNAYEN...................
बहुत खूब ... कमाल के शेर हैं सब ...
sumeet "satya" ने कहा…
बेहद उम्दा
sumeet "satya" ने कहा…
बेहद उम्दा
S.N SHUKLA ने कहा…
समय- समय पर मिले आपके स्नेह, शुभकामनाओं तथा समर्थन का आभारी हूँ.

प्रकाश पर्व( दीपावली ) की आप तथा आप के परिजनों को मंगल कामनाएं.
mahendra verma ने कहा…
ख़ूबसूरत ग़ज़ल।
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
Kailash C Sharma ने कहा…
बहुत सुन्दर प्रस्तुति...दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!
Ratan Singh Shekhawat ने कहा…
सुन्दर प्रस्तुति

दीपावली के पावन पर्व पर आपको मित्रों, परिजनों सहित हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनाएँ!

way4host
RajputsParinay
दीपो का ये महापर्व आप के जीवन में अपार खुशियाँ एवं संवृद्धि ले कर आये ...
इश्वर आप के अभीष्ट में आप को सफल बनाये एवं माता लक्ष्मी की कृपादृष्टि आप पर सर्वदा बनी रहे.

शुभकामनाओं सहित ..
आशुतोष नाथ तिवारी
Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…
सुंदर प्रस्‍त‍ुति।



*दीवाली *गोवर्धनपूजा *भाईदूज *बधाइयां ! मंगलकामनाएं !

ईश्वर ; आपको तथा आपके परिवारजनों को ,तथा मित्रों को ढेर सारी खुशियाँ दे.

माता लक्ष्मी , आपको धन-धान्य से खुश रखे .

यही मंगलकामना मैं और मेरा परिवार आपके लिए करता है!!
मदन शर्मा ने कहा…
आपकी भावपूर्ण,दिल को कचोटती अनुपम अभिव्यक्ति को मेरा सादर नमन.आभार
बहुत बढ़िया और रोचक !!
मेरे ब्लॉग को यहाँ पढ़े
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Ankur jain ने कहा…
आंसू ही उमरे-रफ्ता के होते हैं मददगार,
न छोड़ते हैं साथ कभी सच्चे मददगार.

bahut sundar...
Unlucky ने कहा…
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NumaN Mishra ने कहा…
Namaskar !!
Aapka blog kabile tarif hai !!

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Dhanyabad !!
बहुत सुंदर
क्या बात है
JHAROKHA ने कहा…
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bahut hi sateek avam bhav-pravan prastuti
aabhaar
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बेहतरीन प्रस्तुति।
Unlucky ने कहा…
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Mamta Bajpai ने कहा…
bahut khub kyaa baat hai
smshindi By Sonu ने कहा…
अति सुन्दर ||
Bobby ने कहा…
बादल ग़मों के छाते हैं इन्सान के मुख पर ,
आकर करें मादूम उन्हें ये निगराँ मददगार.
Behadd khoobsurat

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