सोमवार, 28 मई 2012

शीश नवायेंगें मैया को ;दर पर चलकर जायेंगे

Maa Durga
शीश नवायेंगें मैया को  ;दर  पर चलकर जायेंगे ,
मैया तेरे आशीषों से खुशियाँ खुलकर पायेंगें .

[मेरा भजन मेरे स्वर में ]



हर  बेटी में रूप है माँ का इसीलिए पूजे मिलकर ;
सफल सभ्यता तभी हमारी बेटी रहेगी जब खिलकर ;
हम बेटी को जीवन देकर माँ का क़र्ज़ चुकायेंगे .
मैया तेरे आशीषों से खुशियाँ खुलकर पायेंगें .
                                                     जय माता दी !
                                              शालिनी कौशिक 
                                          [कौशल ]

12 टिप्‍पणियां:

dheerendra ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति ,,,,,

RECENT POST ,,,,, काव्यान्जलि ,,,,, ऐ हवा महक ले आ,,,,,

kshama ने कहा…

Behad sundar! Aap gatee bhee hain ye pahli baar pata chala!

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति....

dheerendra ने कहा…

हम बेटी को जीवन देकर माँ का क़र्ज़ चुकायेंगे . मैया तेरे आशीषों से खुशियाँ खुलकर पायेंगें,,,,,,,, . सुंदर प्रस्तुति,,,,,

RECENT POST ,,,,, काव्यान्जलि ,,,,, ऐ हवा महक ले आ,,,,,

सुरेन्द्र "मुल्हिद" ने कहा…

boht sundar !!

kaushal ने कहा…

bahot hi umda blog hai ..

kaushal ने कहा…

very nice blog

expression ने कहा…

सुंदर भजन.....

माँ कल्याण करें.

अनु

Rekha Joshi ने कहा…

jagtki maa pe ati sunder bhjan

S.N SHUKLA ने कहा…

Shalini ji,
bahut sundar srijan, badhai.
प्रिय महोदय

"श्रम साधना "स्मारिका के सफल प्रकाशन के बाद

हम ला रहे हैं .....

स्वाधीनता के पैंसठ वर्ष और भारतीय संसद के छः दशकों की गति -प्रगति , उत्कर्ष -पराभव, गुण -दोष , लाभ -हानि और सुधार के उपायों पर आधारित सम्पूर्ण विवेचन, विश्लेषण अर्थात ...
" दस्तावेज "

जिसमें स्वतन्त्रता संग्राम के वीर शहीदों की स्मृति एवं संघर्ष गाथाओं , विजय के सोल्लास और विभाजन की पीड़ा के साथ-साथ भारतीय लोकतंत्र की यात्रा कथा , उपलब्धियों , विसंगतियों ,राजनैतिक दुरागृह , विरोधाभाष , दागियों -बागियों का राजनीति में बढ़ता वर्चस्व , अवसरवादी दांव - पेच तथा गठजोड़ के दुष्परिणामों , व्यवस्थागत दोषों , लोकतंत्र के सजग प्रहरियों के सदप्रयासों तथा समस्याओं के निराकरण एवं सुधारात्मक उपायों सहित वह समस्त विषय सामग्री समाहित करने का प्रयास किया जाएगा , जिसकी कि इस प्रकार के दस्तावेज में अपेक्षा की जा सकती है /

इस दस्तावेज में देश भर के चर्तित राजनेताओं ,ख्यातिनामा लेखकों, विद्वानों के लेख आमंत्रित किये गए है / स्मारिका का आकार ए -फॉर (11गुणे 9 इंच ) होगा तथा प्रष्टों की संख्या 600 के आस-पा / विषयानुकूल लेख, रचनाएँ भेजें तथा साथ में प्रकाशन अनुमति , अपना पूरा पता एवं चित्र भी / लेख हमें हर हालत में 30 जुलाई 2012 तक प्राप्त हो जाने चाहिए ताकि उन्हें यथोचित स्थान दिया जा सके /

हमारा पता -

जर्नलिस्ट्स , मीडिया एंड राइटर्स वेलफेयर एसोसिएशन

19/ 256 इंदिरा नगर , लखनऊ -226016



ई-मेल : journalistsindia@gmail.com

मोबाइल 09455038215

Sniel Shekhar ने कहा…

bahut khubsoorti se likha hai.. keep writing

Sniel

Srikant Chitrao ने कहा…

सुंदर प्रस्तुती | बधाई |

समीक्षा - "ये तो मोहब्बत नहीं" - समीक्षक शालिनी कौशिक

समीक्षा -  '' ये तो मोहब्बत नहीं ''-समीक्षक शालिनी कौशिक उत्कर्ष प्रकाशन ,मेरठ द्वारा प्रकाशित डॉ.शिखा कौशिक 'नूतन...