मंगलवार, 28 अप्रैल 2015

एन.जी.टी.सुधारेगा लातों के भूतों को


NGT announces Rs 5,000 fine for open burning of leaves, garbage in Delhi


NGT announces Rs 5,000 fine for open burning of leaves, garbage in DelhiZee Media Bureau/Salome Phelamei
New Delhi: Stepping up its effort to curb pollution, the National Green Tribunal (NGT) on Tuesday announced a fine of Rs 5,000 on individuals spotted burning garbage, leaves, plastic, rubber etc in open areas in parts of Delhi and the National Capital Region (NCR).

एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए मंगलवार २८ अप्रैल को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने कचरा ,पत्तियां ,प्लास्टिक व् रबर इत्यादि को खुले में जलाये जाने पर दिल्ली व् एन.सी.आर.में  ५००० रूपये का जुर्माना लगाया है .एक स्वस्थ पर्यावरण के लिए यह एक सराहनीय व् समय के अनुसार उपयोगी कदम है क्योंकि आज स्थिति ये आ गयी है कि अगर कोई भी काम सफलतापूर्वक किया जाना है तो उसके लिए जनता व् सम्बंधित विभाग को जुर्माने की चपेट में लेना ही होगा क्योंकि यहाँ अब एक ही कहावत के अनुसार काम किया जा सकता है और वह है ''लातों के भूत बातों से नहीं मानते '' और ऐसे लातों के भूत हमें आज अपने आस पास बहुसंख्या में दिखाई देते हैं .जहाँ तहाँ कचरे इत्यादि के ढेर और उनके निबटारे के लिए उसे आग लगा देना एक सुविधाजनक निबटारे के रूप में उपयुक्त साधन माना जा रहा है इतना अवश्य है कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा अभी इसे बहुत छोटे क्षेत्र में इस्तेमाल किया गया है इसकी जद में पूरे देश को लाया जाना बहुत ज़रूरी है जिससे पूरे देश का पर्यावरण सही रूप में लाया जा सके  हाँ इतना ज़रूर है कि दिल्ली के साथ एन.सी.आर .को जोड़कर बहुत ही प्रशंसनीय कदम उठाया गया है और अब कम से कम वे प्रबुद्ध जन, जो पिछले दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बहुत से शहरों को एन.सी.आर. से जोड़ने के लिए ज्ञापन दे रहे थे ,आंदोलन कर रहे थे ,इस तरफ अपना ध्यान केंद्रित कर अपना कोई कर्तव्य भी ग्रहण करने की ओर उन्मुख होंगे .
शालिनी कौशिक
    [कौशल ]

3 टिप्‍पणियां:

dj ने कहा…

एन.जी.टी की सार्थक व प्रशंसनीय पहल। आपकी बात से पूर्णतया सहमत हूँ कि इस जुर्माने को पुरे देश में अनिवार्य रूप से लागू करने पर ही सार्थक परिणाम प्राप्त हो पाएंगे।

Dilbag Virk ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 30 - 04 - 2015 को चर्चा मंच चर्चा - 1961 { मौसम ने करवट बदली } में पर दिया जाएगा

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सराहनीय कदम...

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