शनिवार, 4 अक्तूबर 2014

करवा चौथ - श्री नरेंद्र मोदी जी और जशोदा बेन

   
  11 अक्टूबर को हिन्दू सुहागिन स्त्रियां उल्लास व् उत्साह से भरकर करवा चौथ का पर्व मनाएंगी जिनमे से अधिकांश को छलनी में चन्द्रमा देवता के दर्शन के बाद अपने पति के मुख का प्रत्यक्ष दर्शन करने का सौभाग्य भी प्राप्त होगा और जिनके पति उनके पास नहीं हैं उनके पति उनसे आधुनिक संचार तकनीक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये रु-ब-रु होंगे किन्तु एक विवाहिता ऐसी भी है जो दशकों से अपने पति के लिए व्रत भी रख रही है और उनके आने का इंतज़ार भी ,जो पति का साथ देने को कुछ भी करने को तैयार है ,बरसों बरस के त्याग के अपमान का गरल पीने के बावजूद वह धरती माँ की गोद में माता सीता की भांति शरण नहीं मांगती अपितु अपने पति को क्षमा कर पति के साथ रहने को तैयार है।

Jashodaben to Modi: I am extremely happy he is becoming PM, he accepted me as wife 

   क्या शिक्षक दिवस पर बच्चों की क्लास लगाकर बच्चों का दिल जीतने वाले और विजयादशमी पर्व पर मन की बात के जरिये जनता जनार्दन से जुड़ने वाले हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी अपनी धर्मपत्नी जशोदा बेन को इस करवा चौथ पर उनकी  त्याग -तपस्या का फल उन्हें अपनाकर देंगे या उन्हें यही कहने को विवश करेंगे -
  ''बड़ी देर भई ,बड़ी देर भई ,कब लोगे खबर मोरे राम 
                          कब लोगे खबर मोरे राम !
    चलते -चलते मेरे पग हारे ,आई जीवन की शाम 
                          कब लोगे खबर मोरे राम !

शालिनी कौशिक 
     [कौशल ]

2 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (06-10-2014) को "स्वछता अभियान और जन भागीदारी का प्रश्न" (चर्चा मंच:1758) पर भी होगी।
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चर्चा मंच के सभी पाठकों को
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

जशोदा बेन का करवाचौथ व्रत सफल हो ,उन्हें उनका प्राप्य मिले -हम सबकी यही कामना है!

... पता ही नहीं चला.

बारिश की बूंदे  गिरती लगातार  रोक देती हैं  गति जिंदगी की  और बहा ले जाती हैं  अपने साथ  कभी दर्द  तो  कभी खुशी भी  ...