मिशन शक्ति दौर में महिला आरक्षण

 


पुरुषों की सत्ता का दौर था तब अपने दम पर नेतृत्व किया महिलाओं ने, आज मिशन शक्ति का दौर है तब बार एसोसिएशन में जनपद न्यायाधीश और लोकसभा में महिला आरक्षण बिल नेतृत्व शक्ति देंगे महिलाओं को - आश्चर्य है.

द्वारा - शालिनी कौशिक एडवोकेट

कैराना (शामली) 

टिप्पणियाँ

Admin ने कहा…
सच में, आपकी बात सोचने पर मजबूर करती है। पहले के दौर में महिलाओं ने बिना किसी खास सहारे के खुद अपनी जगह बनाई, और आज इतने सारे मंच और नीतियां होने के बाद भी हम उन्हें “सशक्त” बनाने की बात करते हैं। मुझे यह विरोधाभास साफ दिखता है।

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