गुरुवार, 18 दिसंबर 2014

पाकिस्तान आग लगा -भारत बुझाएगा .

Hafiz Saeed, Musharraf blame India for Peshawar carnage
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NEW DELHI: A video has emerged that purportedly shows Lashkar-e-Taiba chief and 26/11 mastermind Hafiz Mohammad Saeed blaming India for the carnage carried out by the Pakistani Taliban in an army-run school in Peshawar on Tuesday. He said it was a conspiracy by Prime Minister Narendra Modi's government against Pakistan. The video also showed Saeed threatening India with "revenge" for the Peshawar massacre. Pervez Musharraf, former Pakistani military dictator and president, has also blamed India for the killing of 132 schoolchildren and 9 teachers in Peshawar on Tuesday.Talking to CNN-IBN, Musharraf said, "Taliban's commander was supported by Afghanistan and India to carry out terrorist attack in Pakistan." 


   '' दूसरों के वास्ते मरना ही जिसका काम है,
     उसके सिर पर देखिये तो क़त्ल का इल्ज़ाम है .''
सारी दुनिया में अपनी भलमनसाहत का डंका बजवाने वाले भारत ने जब अपने घर में ही आकर देखा तो उसे अपना माथा पीट लेना पड़ा क्योंकि उसकी खिड़की के पास खड़ा उसका ही सहोदर भाई उसे कातिल के रूप में दिखा उसके घर पोलिस भेजने की तैयारी में था जबकि जिस मानवता का क़त्ल हुआ था वह स्वयं उस सहोदर भाई ने ही किया था जो अपने किये का ठीकरा अपने हमेशा से उसके अन्याय व् अत्याचार को सहने वाले भाई के सिर पर फोड़ना चाहता था ,यही साबित किया है आज पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ़ और भारत पर २६/११ के हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफ़िज़ सईद ने, जिन्होंने हमेशा से पाकिस्तान द्वारा दिए दर्द को सहते हुए भी उसे समझाने को ही कदम उठाये और ऐसा भारत ने तब किया जब वह अपने पर हुए अन्यायों का अत्याचारों का बदला अपने पास मौजूद हथियारों से कभी भी ले सकता था , जबकि उसने पाकिस्तान को हमेशा सीधी लड़ाई में धुल ही चटाई है , जबकि उसने पाकिस्तान   को हमेशा उसके द्वारा किये जा रहे आतंकवादी सभी गतिविधियों का पुख्ता सबूतों के साथ ही इल्ज़ाम लगाया है और सकल विश्व के नेताओं को उन सबूतों पर विश्वास कराया भी है और उन्हें अपने पक्ष में बोलने को मज़बूर भी किया है क्योंकि सभी देश आज आतंकवाद की मार झेल रहे हैं और जब वे सबूत पाकिस्तान के खिलाफ पुख्ता हों मजबूत हों तो उन्हें उसके खिलाफ मुंह खोलना ही होता है भले ही वे पूर्व में पाकिस्तान को अपना एशिया में कदम ज़माने का सबसे मुफीद स्थान मानते आये हों .
   किसी शायर ने कहा है - 
     ''आग ऐसी लगाने से क्या फायदा ,  
     जिसके शोलों को खुद ही बुझाना पड़े .''
आज पाकिस्तान अपने द्वारा लगायी आग में झुलस रहा है और अपने बचाव में ऐसी कुत्सित बयानबाजी पर उतर आया है जिसका परिणाम उसके लिए अपने सबसे करीबी से सभी नाते टूटने के रूप में ही सामने आएगा और जो उसे इस विश्व मंच पर तनहा ही खड़े होने को मजबूर कर सकता है जिसे देखकर कोई भी उस देश और देशवासियों की मदद को आगे बढ़ने की सोच भी नहीं सकता जिस देश का इतिहास और वर्तमान सारे विश्व को खून से लथपथ  कर देने की सोच से ही भरा हो .आज आतंकवाद ने उसके नौनिहालों को निगला है और वह इसके लिए भारत को दोषी ठहराने की कोशिश में जुट गया है जबकि ऐसे में उसे अपने गिरेबान में झांक कर अपने कर्मों का हिसाब करना चाहिए क्योंकि भारत ने वर्षों से इस विश्व में अपने विश्वबंधुत्व की भावना से जो प्रेम भाईचारे की दीवार खड़ी की है वह इतनी मजबूत है कि ऐसी खोखली ईंटों से टूटेगी नहीं हाँ इतना अवश्य हो सकता है कि पाकिस्तानी रहनुमाओं पर जो वहां की जनता का जो जरा बहुत भरोसा है वह भी टूट जाये और वे एक दुसरे से यही कहते नज़र आएं-
''नहीं विश्वास करना इस वतन के रहनुमाओं का ,
 न जाने आज तक कितनों को इन सबने छला होगा .''

    आज इन पाकिस्तानी रहनुमाओं की ये बयानबाजी कोई नयी बात नहीं लग रही है क्योंकि नयी तब लगेगी जब पुरानी उनकी छवि किसी सही बयानबाजी की रही हो इसलिए उनके लिए तो बस यही कहा जा सकता है -
''तुम्हारे हर सितम पर मुस्कुराना हमको आता है ,
 लगाओ आग पानी में बुझाना हमको आता है .''

शालिनी कौशिक 
    [कौशल ]
   

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