योगी आदित्य नाथ जी का सनातन धर्म की रक्षार्थ सराहनीय फ़ैसला
चैत्र नवरात्रि आरंभ हो गई हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा सनातन धर्म की मर्यादा के अनुरूप फैसला लिया गया है. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने चैत्र नवरात्रि में बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9 दिनों तक प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों के पास मांस की ब्रिकी पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस नहीं बेचा जाएगा। इस दायरे के बाहर भी लाइसेंस की शर्तों के मुताबिक ही दुकानें चलेंगी। खुले में मांस बेचने पर प्रतिबन्ध लगाया गया है । वहीं रामनवमीं पर मांस-मछली की सभी दुकानें पूर्ण रूप से बंद रहेंगी। साथ ही, श्री राम नवमी का पर्व 6 अप्रैल में है, उसे देखते हुए यूपी में 6 अप्रैल 2025 को रामनवमीं पर सभी मांस की दुकानें पूर्णतया बंद रहेंगी। इस दिन पशु वध और मांस की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 और 2011 के प्रावधानों के तहत योगी सरकार ने अधिकारियों को उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक एक्शन के निर्देश दिए हैं। योगी सरकार के फैसले में कहा गया है -
"उत्तर प्रदेश में पूरे नवरात्र में सभी मंदिरों की 500 मीटर की परिधि में मांस/मछली आदि की दुकानें न रहें। इस परिधि के बाहर भी कोई भी दुकानदार मांस/मछली आदि को खुले में नहीं बेचेगा और दुकानें लाइसेंस के शर्तों के अधीन ही संचालित होंगी। श्री राम नवमी के दिन मांस/मछली की सभी दुकानें बंद रहेंगी. "
➡️विशेष समिति करेगी निगरानी -
योगी सरकार द्वारा इस फैसले का पालन कराए जाने हेतु जनपद स्तर पर विशेष समितियों का गठन किया गया है। जिनमें पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, पशुपालन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति अवैध बूचड़खानों और मांस बिक्री पर कड़ी निगरानी रखेगी, जिसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन के द्वारा यूपी नगर निगम अधिनियम 1959 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 व 2011 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए । आदेश के उल्लंघन की स्थिति में प्रशासन द्वारा चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन न करने वालों को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, श्री राम नवमी के पर्व पर विशेष निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
योगी सरकार द्वारा 2014 और 2017 में जारी आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि अवैध पशु वध और धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पहले से ही प्रतिबंधित है जिनमे ढिलाई को देखते हुए अब इन नियमों को और कड़ाई से लागू किया जा रहा है । जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित समितियां सम्बन्धित क्षेत्रों में मांस की दुकानों का नियमित निरीक्षण करेंगी और उल्लंघन की स्थिति में उन पर तत्काल दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी.
विक्रम संवत के शुभ एवम चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर इस तरह के कड़े फैसले का स्वागत करते हुए कई धार्मिक संगठनों ने इसे सनातन परंपराओं के सम्मान में उठाया गया कदम बताया है। वहीं प्रशासन द्वारा भी जनता से अपील की गई है कि वे आदेश का पालन करें और सनातन परम्परा के पावन पर्व पर पवित्रता और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
सनातन पर्व की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह निर्णय अपना एक गरिमामय स्थान रखता है जिसके लिए उत्तर प्रदेश के सभी सनातनी माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हैं.
द्वारा
शालिनी कौशिक
एडवोकेट
कैराना (शामली)
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