लाला जी की अनोखी सीख-एक लघुकथा

 


मंदिर के प्रबंधक की दो बेटियों ने सफारी सूट पहनने वाले लाला जी को पैसे चुराते देख पकड़ लिया तो लाला जी ने पहले उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की और उसमे सफल न होने पर उनमें से बड़ी बेटी को धमकाते हुए कहने लगे 

*अपनी स्थिति देखनी चाहिए. 

 *तुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता. 

*तू स्वतंत्र है.

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

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