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बेवफा है जिंदगी न करना मौहब्बत

दरिया-ए-जिंदगी की मंजिल मौत है , आगाज़-ए-जिंदगी की तकमील मौत है . ............................................................... बाजीगरी इन्सां करे या कर ले बंदगी , मुक़र्रर वक़्त पर मौजूद मौत है . ................................................................. बेवफा है जिंदगी न करना मौहब्बत , रफ्ता-रफ्ता ज़हर का अंजाम मौत है . ............................................................... महबूबा बावफ़ा है दिल के सदा करीब , बढ़कर गले लगाती मुमताज़ मौत है . ................................................................. महफूज़ नहीं इन्सां पहलू में जिंदगी के , मजरूह करे जिंदगी मरहम मौत है . ................................................................. करती नहीं है मसखरी न करती तअस्सुब, मनमौजी जिंदगी का तकब्बुर मौत है . ................................................................ ताज्जुब है फिर भी इन्सां भागे है इसी से , तकलीफ जिंदगी है आराम मौत है . ................................................................. तक़रीर नहीं सुनती न करती तकाज...

न बदल पाएगा.............

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   न बदल पायेगा तकदीर तेरी कोई और ,       तेरे हाथों में ही बसती है तेरी किस्मत की डोर ,    अगर चाहेगा तो पहुंचेगा तू बुलंदी पर        तेरे जीवन में भी आएगा तरक्की का एक दौर . तू अगर चाहे झुकेगा आसमां भी सामने ,     दुनिया तेरे आगे झुककर सलाम करेगी .  जो आज न पहचान सके तेरी काबिलियत ,        कल उनकी पीढियां तक इस्तेकबाल करेंगी . तकदीर बनाने के लिए सुनले मेहरबां,      दिल में जीतने का हमें जज्बा चाहिए . छूनी है अगर आगे बढ़के तुझको बुलंदी         क़दमों में तेरे जोश और उल्लास चाहिए . मायूस होके रुकने से कुछ होगा न हासिल ,     उम्मीद के चिराग दिल में जलने चाहियें . चूमेगी कामयाबी आके माथे को तेरे       बस इंतजार करने का कुछ सब्र चाहिए . क्या देखता है बार-बार हाथों को तू अपने ,    रेखाओं में नहीं बसती है तकदीर किसी की . गर करनी है हासिल तुझे जीवन में बुलंदी     मज़बूत इरादों को बना पथ क...

दुनिया सर झुकाती है रसूख देखकर इसका 🇮🇳

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तिरंगा शान है अपनी ,फ़लक पर आज फहराए , फतह की ये है निशानी ,फ़लक पर आज फहराए . ............................................... रहे महफूज़ अपना देश ,साये में सदा इसके , मुस्तकिल पाए बुलंदी फ़लक पर आज फहराए . ............................................. मिली जो आज़ादी हमको ,शरीक़ उसमे है ये भी, शाकिर हम सभी इसके फ़लक पर आज फहराए . ............................... क़सम खाई तले इसके ,भगा देंगे फिरंगी को , इरादों को दी मज़बूती फ़लक पर आज फहराए . .................................. शाहिद ये गुलामी का ,शाहिद ये फ़राखी का , हमसफ़र फिल हकीक़त में ,फ़लक पर आज फहराए . .................................. वज़ूद मुल्क का अपने ,हशमत है ये हम सबका , पायतख्त की ये लताफत फ़लक पर आज फहराए . ........................ दुनिया सिर झुकाती है रसूख देख कर इसका , ख्वाहिश ''शालिनी''की ये फ़लक पर आज फहराए . ............................ शालिनी कौशिक [कौशल]

अभी पूरी नहीं कोर्ट सुरक्षा

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बिजनौर कोर्ट में हुई घटना के बाद प्रशासन अदालतों की सुरक्षा के लिए सक्रिय हुआ है और उसे लेकर अदालतों के परिसर की दीवार ऊंची कराना, अदालतों में प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर लगाया जाना, वकीलों को, मुन्शीयों को परिचय पत्र जारी किया जाना आदि कदम उठाए जा रहे हैं, ऐसे में बहुत कुछ सराहनीय किया जा रहा है तो बहुत कुछ ऐसा है जो कि अनदेखा किया जा रहा है.            अदालतों में कोर्ट में जाने का काम वकीलों का है और उनके मुन्शीयों का है किन्तु अगर देख लिया जाए कि अदालतों के परिसर में वादकारियों के अलावा और भी बहुत सी भीड़ रहती है जिसका भी वहां के अदालती कार्यवाही में काफी हस्तक्षेप रहता है और वह भीड़ है वहां के टाइपिस्ट और कैंटीन वालों की और अभी इनके संबंध में कोई भी दिशानिर्देश न अदालतों को और न ही संबंधित बार एसोसिएशन को मिल पाए हैं.          अतः इलाहाबाद हाई कोर्ट से यह विनम्र निवेदन है कि वह इस संबंध में अति शीघ्र संज्ञान लेते हुए कार्यवाही करे क्योंकि टाइपिस्ट व कैन्टीन वाले इस संबंध में संदिग्ध सूची में शामिल होने की कगार पर हैं और...

जनता अधिवक्ता जिंदाबाद का नारा बुलंद हो 🇮🇳

           वेस्ट यू पी हाई कोर्ट बेंच एक ऐसा मुद्दा है जिसे लेकर अब वेस्ट यू पी के वकील भी यह विश्वास करने से बच रहे हैं कि यह कभी भी सफल होगा क्योंकि अगर देखा जाए तो इस आंदोलन को लेकर सरकार का रवैय्या तो भेदभावपूर्ण रहा ही है साथ ही, अधिवक्ता भी इसे लेकर बंटे हुए ही नजर आए हैं क्योंकि अधिवक्ताओं का एक वर्ग इसे अपने लिए और अपने क्षेत्र के निवासियों के लिए हितकारी मानता है मगर एक वर्ग ऐसा भी है जो देखता है कि अगर वेस्ट यू पी में हाई कोर्ट बेंच स्थापित हो गयी तो इससे उनके काम पर फर्क़ पड़ेगा और मुवक्किल हाई कोर्ट में कार्यरत वकीलों को उनसे ऊपर तरजीह देगा और अपनी इसी सोच को लेकर वह आंदोलन के लिए उपेक्षित रवैय्या रख असहयोगी मुद्रा को अपनाए हुए है किन्तु यह असहयोगी अधिवक्ता वर्ग आन्दोलन की अब तक की असफलता के लिए उतना जिम्मेदार नहीं है जितना जिम्मेदार आंदोलन में लगा हुआ अधिवक्ता वर्ग है क्योंकि उसके द्वारा आंदोलन के लिए बहुत से जरूरी कदम आज तक उठाए ही नहीं गए हैं जिनका उठाया जाना आंदोलन के लिए न केवल जरूरी बल्कि परमावश्यक भी है.         ...

हाई कोर्ट बेंच के लिए वकील बनें मोदी - शाह

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति की बैठक कल दिनाँक 4.1.2020 को बिजनौर में हुई, बैठक में सभी दलों के नेताओं ने एक सुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग का समर्थन किया। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा नेता साकेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट बेंच वेस्ट यूपी में खुल गई तो वादकारियों को अपने केस लड़ने के लिए प्रयागराज नहीं जाना होगा। जनता का पैसा और समय दोनों ही बचेंगे। इस मांग को हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए। पूर्व मंत्री सपा नेता स्वामी ओमवेश ने कहा कि जिस दिन वकीलों के दिलो दिमाग में यह बात आ जाएगी कि उन्हें बेंच चाहिए तो उस दिन उन्हें बेंच मिल जाएगी। इसके लिए अभी वकील ही तैयार नहीं हैं।         बैठक में  सपा नेता स्वामी ओम वेश की बात ही सर्वाधिक विचारणीय है कि जिस दिन वकीलों के दिमाग में यह बात आ जाएगी कि उन्हें बेंच चाहिए तो उस दिन उन्हें बेंच मिल जाएगी और इस बात में वकीलों के लिए सर्वाधिक कचोटने वाली उनकी यह बात रही कि इसके लिए अभी वकील ही तैयार नहीं हैं कितना बड़ा कटाक्ष है यह वकीलों पर कि वे अभी बेंच के लिए तैयार नहीं हैं...

अब यू पी में होगा

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   मोदी सरकार हो या योगी सरकार जब से आयी हैं तब से बदलावों के लिए खुद को तैयार रखना पड़ता है और सर्वाधिक महत्वपूर्ण यह है कि इनके खुद के जीवन में नारी का कोई विशेष स्थान नहीं है एक के लिए संगठन की शर्तों के कारण तो एक के लिए जीवन की धारा में परिवर्तन के कारण, एक ने विवाह करने के बाद पत्नी को त्याग दिया तो एक ने इस ओर गमन ही नहीं किया फिर भी दोनों को पत्नियों का बहुत ध्यान है अपनी नहीं औरों की, मोदी जी ने तो तीन तलाक को अपराध घोषित कराकर मुस्लिम महिलाओं के जीवन में फरिश्ते के रूप में पदार्पण किया है और अब योगी जी भी ऐसा ही कुछ करने जा रहे हैं. योगी सरकार उत्तर प्रदेश में जब से आयी है बहुत से क्रांतिकारी बदलाव लेकर आयी है और अब उन्हीं बदलावों में एक और वृद्धि करने जा रही है यहां की पीड़ित महिलाओं या यूं कहें कि पीड़ित पत्नियों के लिए, तो ज्यादा उचित रहेगा, एक सुकून भरे जीवन की शुरुआत और वह यह है - मतलब यह है कि प्रदेश में तीन तलाक पीड़ित व परित्यक्ता पत्नी की मदद का मसौदा तैयार कर लिया गया है और चालू वित्त वर्ष में यह लागू कर दिया जाएगा जिसमें 5000 तीन तलाक पीड़िताओं को और ...