सोमवार, 10 जनवरी 2011

उचित निर्णय युक्त बनाना

जो बनते हैं सबके अपने,
  निशदिन दिखाते हैं नए सपने,
      ऊपर-ऊपर प्रेम दिखाते,
          भीतर सबका चैन चुराते,
ये लोगों को हरदम लूटते रहते हैं,
तब भी उनके प्रिय बने रहते हैं.
  ये करते हैं झूठे वादे,
    भले नहीं इनके इरादे,
       ये जीवन में जो भी पाते,
          किसी को ठग के या फिर सताके,
ये देश को बिलकुल खोखला कर देते हैं  ,
इस पर भी लोग इन पर जान छिड़कते हैं.
   जब तक ऐसी जनता है,
  तब तक ऐसे नेता हैं,
  जिस दिन लोग जाग जायेंगे,
ऐसे नेता भाग जायेंगे,
      अब यदि चाहो इन्हें हटाना,
      चाहो उन्नत देश बनाना,
       सबसे पहले अपने मन को,
       उचित निर्णय युक्त बनाना.

12 टिप्‍पणियां:

shikha kaushik ने कहा…

bahut shandar prastuti.

RAJEEV KUMAR KULSHRESTHA ने कहा…

I wish you Happy New 2011!
सुन्दर शब्दों की बेहतरीन शैली ।
भावाव्यक्ति का अनूठा अन्दाज ।
बेहतरीन एवं प्रशंसनीय प्रस्तुति ।
हिन्दी को ऐसे ही सृजन की उम्मीद ।
धन्यवाद....
satguru-satykikhoj.blogspot.com

RAJEEV KUMAR KULSHRESTHA ने कहा…

I wish you Happy New 2011!
सुन्दर शब्दों की बेहतरीन शैली ।
भावाव्यक्ति का अनूठा अन्दाज ।
बेहतरीन एवं प्रशंसनीय प्रस्तुति ।
हिन्दी को ऐसे ही सृजन की उम्मीद ।
धन्यवाद....
satguru-satykikhoj.blogspot.com

ali ने कहा…

नेताओं से बहुत नाराज़ हैं आप :)
ख्याल रहे ये लोग भी हमारे जैसों के बीच से आगे आये हैं ! इनकी बुराइयों के जिम्मेदार हम भी है इसलिए आपकी कविता का आखिरी पैरा निर्णायक लगा / अच्छा लगा !

ali ने कहा…

आपने लिंक जोड़ने और गैजेट पेस्ट करने के बारे में पूछा था ,मुझे स्मरण है कि श्री संजीव तिवारी जी ने इस विषय पर पोस्ट लिखी थी मैंने उन्हें फोन करके आपके ब्लॉग कौशल का लिंक दे दिया है ,वे आज ही आपके ब्लॉग पर कमेन्ट करने आयेंगे और उन पोस्ट की लिंक आपको दे देंगे ! उम्मीद है कि उन्हें पढते हुए आपके दोनों काम बन जायेंगे !

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

लिंक कैसे जोड़ें 1. एचटीएमएल कोड का प्रयोग करके यहां देखें लिंक कोड एचटीएमएल
2. ब्‍लॉगर पोस्‍ट बाक्‍स में जिस शव्‍द में लिंक लगाना है उसे सलेक्‍ट करें व उपर पोस्‍ट बाक्‍स में लिंक को क्लिक करें वहां वही यूआरएल डालें जिसका लिंक आप लगाना चाहती हैं।
गैजेट जोड़ना इस पोस्‍ट से सहायता लेवें

क्रिएटिव मंच-Creative Manch ने कहा…

सुन्दर रचना
राजनीति में भ्रष्ट नेताओं के लिए हम भी कम दोषी नहीं हैं.
अच्छी लगी कविता
आभार

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" ने कहा…

बहुत अच्छी है.
# निष्पक्ष, निडर, अपराध विरोधी व आजाद विचारधारा वाला प्रकाशक, मुद्रक, संपादक, स्वतंत्र पत्रकार, कवि व लेखक रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" फ़ोन:9868262751, 9910350461 email: sirfiraa@gmail.com,
हिंदी में काम करके,राष्ट्र का सम्मान करें.
श्रीमान जी, आपने अगर मुझे कभी ईमेल भेजी हो और उसका जवाब नहीं मिला हो तो नोट करें आप जब मुझसे किसी प्रकार का कोई जवाब चाहते हैं तो अपनी ईमेल में अपने विचार हिंदी में लिखकर ही भेजें अथवा मैं अंग्रेजी में भेजे गए विचारों और बातों का जवाब देने में असमर्थ हूँ. इन्टरनेट या अन्य सोफ्टवेयर में हिंदी की टाइपिंग कैसे करें और हिंदी में ईमेल कैसे भेजें जाने. नियमित रूप से मेरा ब्लॉग http://rksirfiraa.blogspot.com, http://sirfiraa.blogspot.com, http://mubarakbad.blogspot.com, http://aapkomubarakho.blogspot.com, http://aap-ki-shayari.blogspot.com & http://sachchadost.blogspot.com देखें और अपने बहूमूल्य सुझाव व शिकायतें अवश्य भेजकर मेरा मार्गदर्शन करें. अच्छी या बुरी टिप्पणियाँ आप भी करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे.

Patali-The-Village ने कहा…

बेहतरीन एवं प्रशंसनीय प्रस्तुति । धन्यवाद|

Kunwar Kusumesh ने कहा…

अच्छी, पठनीय पोस्ट.

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

sundar kavita badhai

Dr. shyam gupta ने कहा…

ye tippanee karane vale kya soch kar tippanee karate hain---

---prastut kavitaa -kavitaa hee naheen hai vaktavy hai aur lage hain prashansaa karane----is tarah sudhar ke bazay galat-salat paripatee ko hee chalane ko vaadhy karaye hain...