गुरुवार, 21 फ़रवरी 2013

सही आज़ादी की इनमे थोड़ी अक्ल भर दे .


 Kashmiri : SRINAGAR, INDIA - JULY 11, 2009: A taxi boatman paddles through the sellers of the floating market, a major tourist attraction on Dal Lake on July 11, 2009 in Srinagar, IndiaKashmiri : SRINAGAR, INDIA - JULY 11, 2009: A Kashmiri man rows by the remainder of the morning floating market on Dal Lake, a major tourist attraction, in Kashmir on July 11, 2009 in Srinagar, India

या खुदा नादानी इनकी दूर कर दे ,
शहादत-ए-बारीकी से दो -चार कर दे .

शहीद कहते हैं किसको नहीं इनको खबर है ,
वही जो मुल्क की खातिर ये जां कुर्बान कर दे .

शहादत देना क्या जाने ऐसा फरेबी ,
परवरिश करने वाले का ही देखो क़त्ल कर दे .

खुदा की राह में बलिदान पाता वह कदर है ,
फ़ना खुद को जो खातिर दूसरों की कर दे .


न केवल नाम से अफज़ल बनो कश्मीर वालों ,
दिखाओ हिन्द के बनकर ,जो इसमें असर दे .

खुदा का शुक्र मनाओ मिले तुम हिन्द में आकर ,
होगे नाशाद तुम्हीं गर ये तुम्हे बाहर ही कर दे .

दुआ मांगूं खुदा से लाये इनको रास्ते पर ,
सही आज़ादी की इनमे थोड़ी अक्ल भर दे .


हुकूमत कर रहा मज़हब इनके दिलों पर ,
कलेजे में वतन का इश्क भर दे .

जियें ये देश की खातिर मरें ये मुल्क पर अपने ,
धडकनें रूहों में इनकी इसी कुदरत की भर दे .

सफल समझेगी ''शालिनी''सभी प्रयास ये अपने ,
वतन से प्रेम की शमां अगर रोशन वो कर दे .


शब्दार्थ -बारीकी-सूक्ष्मता ,अफज़ल-श्रेष्ठ ,नाशाद-बदनसीब ,

      शालिनी कौशिक
                [कौशल ]



14 टिप्‍पणियां:

डॉ शिखा कौशिक ''नूतन '' ने कहा…

sarthak prastuti .aabhar

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

हुकूमत कर रहा मज़हब इनके दिलों पर ,
कलेजे में वतन का इश्क भर दे .उम्दा भावपूर्ण शेर...

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प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सबको सम्मति दे भगवान..

विजय राज बली माथुर ने कहा…

साम्राज्यवादी शोषकों से पहले बचना होगा तभी 'अक्ल' का इस्तेमाल हो सकेगा।
धारा ३७० है 'भारतीय एकता व अक्षुणता' को बनाये रखने की गारंटी और इसे हटाने की मांग है-साम्राज्यवादियों की गहरी साजिश

Anita ने कहा…

बेहद उम्दा प्रस्तुति..

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

खूब सूरत मुख्तलिफ अंदाज़ आपके ,अशआर आपके .

Rajesh Kumari ने कहा…

देश भक्ति की भावना से ओतप्रोत रचना वतन में रहने वालों के दिलों में देश भक्ति भर दे मंगल कामना बहुत बहुत बधाई

khula asmaan ने कहा…

बहुत ही उम्दा नज़्म...

khula asmaan ने कहा…

बहुत ही उम्दा नज़्म...

Anusha ने कहा…

खुदा की राह में बलिदान पाता वह कदर है ,
फ़ना खुद को जो खातिर दूसरों की कर दे .
सच्चाई को बयां करती पक्तियां
बहुत खूब
सादर...
http://kaynatanusha.blogspot.in/

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

बहुत सटीक सन्देश और चेतावनी दोनों दी हैं आपने इस रचना में .

Dhavlima ने कहा…

देश के प्रति बहुत ही उम्दा ग़ज़ल लिखा है आपने |

न केवल नाम से अफज़ल बनो कश्मीर वालों ,
दिखाओ हिन्द के बनकर ,जो इसमें असर दे .

बहुत-बहुत हार्दिक बधाई |

Aziz Jaunpuri ने कहा…

SARTHAK SANDESH AUR GARJNA KE SATH CHETAVANI,SUNDAR PRASUTI.खुदा का शुक्र मनाओ मिले तुम हिन्द में आकर ,
होगे नाशाद तुम्हीं गर ये तुम्हे बाहर ही कर दे .

दुआ मांगूं खुदा से लाये इनको रास्ते पर ,
सही आज़ादी की इनमे थोड़ी अक्ल भर दे .

हुकूमत कर रहा मज़हब इनके दिलों पर ,
कलेजे में वतन का इश्क भर दे .

जियें ये देश की खातिर मरें ये मुल्क पर अपने ,
धडकनें रूहों में इनकी इसी कुदरत की भर दे .

सफल समझेगी ''शालिनी''सभी प्रयास ये अपने ,
वतन से प्रेम की शमां अगर रोशन वो कर दे .BEHATAREEN

Pankaj Kumar Sah ने कहा…

शहादत देना क्या जाने ऐसा फरेबी ,
परवरिश करने वाले का ही देखो क़त्ल कर दे .

सुंदर अभिव्यक्ति ...आप भी पधारो स्वागत है
http://pankajkrsah.blogspot.com

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