हुए सहाय्य ये ही सबके आगे कदम बढ़ाने में .

Sarvepalli Radhakrishnan


अर्पण करते स्व-जीवन शिक्षा की अलख जगाने में ,
रत रहते प्रतिपल-प्रतिदिन  शिक्षा की राह बनाने में .
..........................................................................................
आओ मिलकर करें स्मरण नमन करें इनको मिलकर ,
जिनका जीवन हुआ सहायक हमको सफल बनाने में .
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जीवन-पथ पर आगे बढ़ना इनसे ही हमने सीखा ,
ये ही निभाएं मुख्य भूमिका हमको राह दिखाने में  .
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खड़ी बुराई जब मुहं खोले हमको खाने को तत्पर ,
रक्षक बनकर आगे बढ़कर ये ही लगे बचाने में .
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मात-पिता ये नहीं हैं होते मात-पिता से भी बढ़कर ,
गलत सही का भेद बताकर लगे हमें समझाने में .
...................................................................................
पुष्प समान खिले जब शिष्य प्रफुल्लित मन हो इनका ,
करें अनुभव गर्व यहाँ ये उसको श्रेय दिलाने में .
............................................................................................
शीश झुकाती आज ''शालिनी ''अहर्नीय के चरणों में ,
हुए सहाय्य ये ही सबके आगे कदम बढ़ाने में .
.................................................................
               शालिनी कौशिक 
                   [कौशल ]

टिप्पणियाँ

yashoda agrawal ने कहा…
आपकी लिखी रचना शनिवार 06 सितम्बर 2014 को लिंक की जाएगी........
http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!
Anita ने कहा…
शिक्षक दिवस पर शुभकामनायें..
सभी शिक्षकों को कल्याणकारी दिशा में चलते रहने के लिए शुभ कामना !
सभी शिक्षकों को कल्याणकारी दिशा में चलते रहने के लिए शुभ कामना !
बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (06-09-2014) को "एक दिन शिक्षक होने का अहसास" (चर्चा मंच 1728) पर भी होगी।
--
सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को नमन करते हुए,
चर्चा मंच के सभी पाठकों को शिक्षक दिवस की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (06-09-2014) को "एक दिन शिक्षक होने का अहसास" (चर्चा मंच 1728) पर भी होगी।
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सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को नमन करते हुए,
चर्चा मंच के सभी पाठकों को शिक्षक दिवस की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (06-09-2014) को "एक दिन शिक्षक होने का अहसास" (चर्चा मंच 1728) पर भी होगी।
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सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन को नमन करते हुए,
चर्चा मंच के सभी पाठकों को शिक्षक दिवस की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'
शिक्षक दिवस पर बहुत अच्छी रचना, बधाई.
सु..मन(Suman Kapoor) ने कहा…
बहुत सुंदर
Kailash Sharma ने कहा…
बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति...
Smita Singh ने कहा…
teacher is like belssing of god on earth...
Yashwant Yash ने कहा…
बेहतरीन


सार
Digamber Naswa ने कहा…
शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...सभी शेर लाजवाब हैं ...

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