संस्कार मर गए-बेटियों पर भी कैसे करें गर्व?

 


( संस्कार मर गए-बेटियों पर भी कैसे करें गर्व) 

⚫ सोनीपत (हरियाणा) 

⚫ वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग कपड़ा व्यापारी शिवचरण रतन गुप्ता का निधन. 

⚫ 20 दिनों से बीमार थे. 

⚫ पत्नी थी मीना गुप्ता

⚫ तीन बेटियाँ - अनीता, निशा, प्रिया

⚫ अनीता (नेपाल) निशा (आजमगढ) प्रिया (मुंबई) 

⚫ दो अध्यापिका

⚫ माँ के मरने मे भी नहीं आई थी.

⚫ पिता का अंतिम संस्कार भी वीडियो कॉल से देखा.

⚫ अस्थियों के लिए कहा - जब पिता ही नहीं रहे तो अस्थियां लेकर क्या करेंगे?



द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

टिप्पणियाँ

Anita ने कहा…
आज के संघर्षपूर्ण समाज में स्वार्थ ने मानव की संवेदनाओं को मृत कर दिया है, ऐसा ही लगता है
Shalini kaushik ने कहा…
बेटियों का सर नीचे कर दिया है इन तीनों ने

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