गुरुवार, 22 मार्च 2012

हे!माँ मेरे जिले के नेता को सी .एम् .बना दो.

हे!माँ  मेरे जिले के नेता  को  सी .एम् .बना  दो.

 

          आज के समाचार पत्रों में जब हमने बिजली के बारे में मुख्यमंत्री जी के निर्देश पढ़े तो यही विचार मन में तेजी से उभरे.निर्देश थे-
१-बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए शाम को ६ बजे से रात के १०  बजे तक बिना रूकावट बिजली की उपलब्धता.
२-इटावा, कन्नौज और रामपुर को २४ घंटे बिजली.
      पहला निर्देश तो परीक्षार्थियों की सुविधा की दृष्टि से निष्पक्ष निर्देश के रूप में चिन्हित किया जा सकता है किन्तु कमी  ये है की ये समय तो उनकी पढाई की आवश्यकता को देखते हुए बहुत कम है.रात्रि में जब पढाई का सबसे महत्वपूर्ण समय है तब उनकी पढाई के लिए २४ घंटे बिजली का वादा करने वाले सपा सरकार  क्या इंतजाम  कर  रही है और ये निर्देश केवल २० अप्रैल तक हैं और वे भी बोर्ड परीक्षा को दृष्टिगत  रखते  हुए 29 मार्च  से जो विश्व विद्यालय  परीक्षा आरम्भ  हो रही है उसके लिए मुख्यमंत्री क्या अलग  से कुछ  बिजली की व्यवस्था करने की सोच  रहे हैं?
             पर जो निर्देश मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली  को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के समकक्ष खड़े कर रहे हैं वह है उनके गृहजिले इटावा आदि को २४ घंटे बिजली के निर्देश.ये निर्देश देखते हुए तो मन यही कह रहा है-
हे!मैय्या मेरे जिले के नेता को मुख्यमंत्री बना दो या मुझे  ही  पद पर विराजमान करा दो कम से कम बिजली के दर्शन तो होंगे.


     शालिनी कौशिक [कौशल]



20 टिप्‍पणियां:

singhSDM ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति...

रविकर ने कहा…

जबरदस्त प्रस्तुति |
सब जिले को राज्य
और सबका एक मुख्यमंत्री |

S.N SHUKLA ने कहा…

सार्थक और सामयिक पोस्ट , आभार.

डॉ. नूतन डिमरी गैरोला- नीति ने कहा…

हे प्रभु मुझे ही बना दे मुख्यमंत्री... बहुत प्यारी पोस्ट... और फोटो बहुत सुन्दर

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति| नवसंवत्सर २०६९ की हार्दिक शुभकामनाएँ|

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति| नवसंवत्सर २०६९ की हार्दिक शुभकामनाएँ|

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति| नवसंवत्सर २०६९ की हार्दिक शुभकामनाएँ|

Dr. shyam gupta ने कहा…

sundar kamna

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत बढ़िया!
पहले चुनाव जीतकर तो आयें नेता जी!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

.



हे मैय्या ! मुझे ही मुख्यमंत्री बना दो !

रोचक पोस्ट ! क्या बात है ...
वाह वाह !
बहुत खूब!!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

‎.

♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥
नव संवत् का रवि नवल, दे स्नेहिल संस्पर्श !
पल प्रतिपल हो हर्षमय, पथ पथ पर उत्कर्ष !!
-राजेन्द्र स्वर्णकार
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥

*चैत्र नवरात्रि और नव संवत २०६९ की हार्दिक बधाई !*
*शुभकामनाएं !*
*मंगलकामनाएं !*

दिनेश पारीक ने कहा…

बहुत ही सुन्दर में आपके ब्लॉग पे पहली बार आया हु
लेकिन आगे आता रहूँगा
मेरे ब्लॉग पे भी आप आएंगे तो हमें अच्छा लगेगा
http://vangaydinesh.blogspot.in/

महाशक्ति ने कहा…

ऐसे ही बचपन में हम ये सोचते थे की कोई CM or PM मरता रहे और हमें छुट्टी मिल जाये.. :)

अच्छा लिखा है आपने..

sangita ने कहा…

जबरदस्त पोस्ट है में ही क्यों नहीं.बधाई इस सार्थक लेखन के लिए .

mahendra verma ने कहा…

आपकी कामना बिल्कुल सही है।
चूंकि ऐसी कामना हर जिले के लोग कर रहे होंगे इसलिए हर जिले को राज्य बना देने से यह समस्या दूर हो जाएगी।
अच्छा व्यंग्य है।

Bhola-Krishna ने कहा…

साभार बधाई ,इस स्पष्ट कथन के लिए! वैसे तों अन्य कागज फाड़ , कुरते की बाहेंउघार युवक नेताओं से , हम सागरपार के दर्शकों को भी ये काफी समझदार लग रहे थे और कुछ आशा हो गयी थी अपने प्रदेश के लिए ! फिर भी निराश न हों , प्रभु कृपा करेंगे कभी न कभी !

अभिषेक प्रसाद ने कहा…

satik aalekh...

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

प्रभु आपकी मनोकामना पूर्ण करे.

expression ने कहा…

आपकी मनोकामना पूर्ण हो...
अच्छा लेखन..

अनु

संजय भास्कर ने कहा…

सुन्दर अभिव्यक्ति....अच्छा लिखा है आपने

संभल जा रे नारी ....

''हैलो शालिनी '' बोल रही है क्या ,सुन किसी लड़की की आवाज़ मैंने बेधड़क कहा कि हाँ मैं ही बोल रही हूँ ,पर आप ,जैसे ही उसने अपन...