बुधवार, 9 जनवरी 2013

भारत सदा ही दुश्मनों पे हावी रहेगा .


File:Flag of the Indian Army.svg
गूगल से साभार    

कितनी ही करो जुर्रतें ये कौल रहेगा ,
भाई का दिल भाई से ही जुड़ा रहेगा .


कितने ही मौके आये देखी हैं आफतें ,
फिर भी दिलों में अपने ये मल्हार रहेगा .

खाएं हैं धोखे तुमसे हमने कदम-कदम पर ,
सुधरोगे एक दिन कभी विश्वास रहेगा .

हमले किये हैं बार-बार पलट-पलटकर ,
मानोगे हार सिर यहाँ झुककर ही रहेगा .


तोड़ी हैं हिम्मतें तेरी वीरों ने हमारे ,
कटवाने को सिर कारवां बढ़ता ही रहेगा .
   Body of the soldier who was killed

अरबों की बात लेखनी से कहती ''शालिनी '',
भारत सदा ही दुश्मनों पे हावी रहेगा .

 
  

           शालिनी कौशिक 
                 [कौशल ]

16 टिप्‍पणियां:

Prabhat Yadav ने कहा…

AAP BILKUL SAHI HAI.

Dr. Monika C. Sharma ने कहा…

सुंदर पंक्तियाँ, देश का मान सदा बना रहे

रविकर ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुती ||

Anita ने कहा…

भारत की चुप्पी को उसकी कमजोरी न समझा जाये..सुंदर प्रस्तुति !

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

शालिनी जी पाकिस्तान एक विखंडित राज्य है .जिसे खुद पे भरोसा नहीं है उस राष्ट्र राज्य पे भारत क्यों भरोसा करे .एक के बदले दो सिर चाहिए हमें भी .आस्तीनों के साँपों से कैसी यारी ?

आपकी मोहन भागवत जी पर पोस्ट हमारी प्रेरणा का सबब बनी .सईस आप थीं .शुक्रिया .आपने हमसे भी लिखवा लिया उस मुद्दे पे जो आज सबकी जुबां पर है .

विजय राज बली माथुर ने कहा…

'भारत-पाक-बांग्लादेश महासंघ' बना कर ही इस प्रकार की समस्याओं का निदान किया जा सकता है और तभी साम्राज्यवाद=सांप्रदायिकता को शिकस्त दी जा सकती है।
डेढ़ दोस्त

सदा ने कहा…

यह भाव हमेशा यूँ ही कायम रहे ...
आभार

Kalipad "Prasad" ने कहा…


हमले किये हैं बार-बार पलट-पलटकर ,
मानोगे हार सिर यहाँ झुककर ही रहेगा .
अति सुन्दर !
New post : दो शहीद

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) ने कहा…

प्रभावशाली ,
जारी रहें।

शुभकामना !!!

आर्यावर्त (समृद्ध भारत की आवाज़)
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Asha Saxena ने कहा…

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति |
आशा

रश्मि ने कहा…

तोड़ी हैं हिम्मतें तेरी वीरों ने हमारे ,
कटवाने को सिर कारवां बढ़ता ही रहेगा ...सुंदर प्रस्‍तुति

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

आँख हैं नम,
क्या करें हम?

पूरण खंडेलवाल ने कहा…

सुधरने कि आशा बेकार है कुते कि पूंछ कभी सीधी नहीं हों सकती है !!

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

सलाम आपके इस ज़ज्बे को .हमें तो अब पाकिस्तान के चार सिर चाहिए .इस्राइअल और अमरीका का एक आदमी कोई मार्के दिखाए चार मारतें हैं घर में घुस के दुश्मन की मांद में नहीं रखना चाहते हम इन काफिरों से दोस्ती .जो इस्लाम के भी सगे नहीं हैं जिन्हें नहीं मालूम मुसलमान शब्द के मानी .

Suman ने कहा…

खाएं हैं धोखे तुमसे हमने कदम-कदम पर ,
सुधरोगे एक दिन कभी विश्वास रहेगा .
pata nahi vo din kab aayega ...aabhar !

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