सोमवार, 5 जनवरी 2015

ओवेसी जी -हर बच्चा पहले इंसान पैदा होता है .


ओवैसी के बयान से बढ़ सकता है विवाद

ओवैसी बोले, 'हर बच्चा मुस्लिम पैदा होता है'

  
धर्मान्तरण ,घर वापसी आदि मुद्दों पर जो बहस भाजपा व् संघ ने छेड़ी है वह बहस सदियों से भारतीयों के विशेषकर हिन्दू धर्मावलम्बियों के खून में सुलगती रही है और सभी जानते हैं कि भारत में जब तक मुस्लिम आक्रमणकारी नहीं आये थे तब तक भारत में मुस्लिम धर्म का अता-पता भी नहीं था और उन्होंने ही यहाँ पर जबरन धर्म-परिवर्तन कराये और एक बड़ी संख्या में यहाँ हिन्दू धर्मावलम्बियों को मुस्लिम बनने पर मजबूर किया किन्तु आज यहाँ स्थिति यह हो चुकी है कि यहाँ के मुस्लिम अपने को एक सच्चा मुसलमान स्वीकार चुके हैं और पूरी तरह से इस्लाम धर्म में ही रच-बस चुके हैं .ऐसे में अब पुरानी स्थितियों को दोहराना एक तरह से शांत सागर में विस्फोट करने के समान होगा जिसके परिणाम खतरनाक हो सकते हैं क्योंकि जब हिन्दू ही अपनी शांत प्रवर्ति छोड़कर उग्रवादी बातें करेंगे तो पहले से ही गर्म प्रवर्ति का चोला पहने मुस्लिमों से तो इस सम्बन्ध में उम्मीद करना ही बेमानी है और यही हो रहा है .संघ घर वापसी के रूप में खून उबालने वाली बातें कर रहा है तो आजम और ओवेसी वैसा ही खुनी पलटवार कर रहे हैं .आजम ताजमहल को कब्र बता मुस्लिमों को सौंपने की बात कर रहे हैं तो ओवेसी जन्म से हर बच्चे को मुस्लिम बता रहे हैं जबकि ये सर्व-विदित है कि मुस्लिम आक्रमणकारियों ने यहाँ के मंदिरों को तोड़-तोड़कर अपनी मस्जिदों व् कब्रों का निर्माण कराया था और अयोध्या मुद्दा आज भी इसका पुख्ता सबूत है और रही बात जन्म से मुसलमान होने की तो ओवेसी को यह जान लेना चाहिए कि बच्चा जब पैदा होता है तब वह केवल बच्चा होता है जिसे कोई माला पहनाकर तो कोई खतना कराकर तो कोई बाल बढाकर अपने अपने धर्म में शामिल कर लेता है और ये भी अगर न पता हो तो ये पुराना  फ़िल्मी गाना उन्हें ध्यान से सुन लेना चाहिए शायद तब ही समझ में आ जाये- 
''तू हिन्दू बनेगा ना मुसलमान बनेगा ,
  इंसान की औलाद है इंसान बनेगा .
   .......अच्छा है अभी तक तेरा कुछ नाम नहीं है ,
   तुझको किसी मज़हब से कोई काम नहीं है ........''

शालिनी कौशिक 
  [कौशल ]
  

1 टिप्पणी:

abhishek shukla ने कहा…

जिसे जेल में होना चाहिए वो नेता बना घूम रहा है। भारत में पंथनिरपेक्षता की यही तो कहानी है।

.............तभी कम्बख्त ससुराली ,

थी कातिल में कहाँ हिम्मत  ,मुझे वो क़त्ल कर देता  ,         अगर  मैं  अपने  हाथों  से  ,न  खंजर  उसको  दे  देता  . .....................