पापा! मुझे क्यूँ नहीं?-एक लघुकथा



 कोर्ट का पैरोकार सफारी सूट वाले लाला जी और उनके पोते के लिए कोर्ट के समन लेकर आया और उन दोनों से साइन कराए, तब ही लाला जी का बेटा निक्कर टी शर्ट पहने आया और बोला - पापा हर जगह आपको और मेरे बेटे को ही बुलाते हैं, मुझे क्यूँ नहीं?

द्वारा

शालिनी कौशिक

एडवोकेट

कैराना (शामली) 

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