बुधवार, 4 मई 2011

दिल के जज़्बात

हमने चाहा था कि न कहें उनसे,
    पर बिन कहे ये मन न माना.
         हमने लाख छुपाना चाहा दिल के जज्बातों को,
                हो गया मुश्किल उन्हें दिल में दबाये जाना.

वो आये सामने मेरे कहा मन में जो भी आया,
न कुछ मेरा ख्याल किया न ही दुनिया से छिपाया.
          उनकी बातों के असर को मैंने अब है जाना,
            दिल के जज्बातों को मुश्किल है दबाये जाना.

उनकी चाहत थी हमें मन के ख्यालात बताएं,
 हमारी समझ के घेरे में कुछ देर से आये.
            अब तो आगे बढ़ने में लगेगा एक ज़माना,
            दिल के जज्बातों को मुश्किल है दबाये जाना.
                                           शालिनी कौशिक 

14 टिप्‍पणियां:

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

बेहतरीन खयालातों को शब्द दिए .....

Anita ने कहा…

जज्बातों को जाहिर कर देने में ही भलाई है...

दर्शन कौर धनोए ने कहा…

चाहत और जजबात दबाने से इजहार नही होता ..और जब इजहार नही होता तो बात केसे आगे बढ़ेगी ..

इसलिए इजहारे -मुहब्बत जरूरी है !

kshama ने कहा…

हमने चाहा था कि न कहें उनसे,
पर बिन कहे ये मन न माना.
हमने लाख छुपाना चाहा दिल के जज्बातों को,
हो गया मुश्किल उन्हें दिल में दबाये जाना.
Nihayat sundar!

मनोज कुमार ने कहा…

सुंदर, भावपूरित नज़्म।

सतीश सक्सेना ने कहा…

शुभकामनायें !!

वाणी गीत ने कहा…

हमारी समझ के घेरे में कुछ देर से आये ...
चलिए अब तो आ गए समझ ...
शुभकामनायें !

prerna argal ने कहा…

हमने चाहा था कि न कहें उनसे, पर बिन कहे ये मन न माना. हमने लाख छुपाना चाहा दिल के जज्बातों को, हो गया मुश्किल उन्हें दिल में दबाये जाना.
वो आये सामने मेरे कहा मन में जो भी आया,न कुछ मेरा ख्याल किया न ही दुनिया से छिपाया.
bahut sunder rachanaa.badhai aapko.

please mere blog per bhi aaiyea.thanks

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

जज़्बात बता ही देने चाहिए ...नहीं तो मन की मन में रह जाती है ..अच्छी प्रस्तुति

udaya veer singh ने कहा…

kya bat hai ... shabdon aur bhavon ki swikaryata ak sath .sundar sanyojan .aabhar ji /

mridula pradhan ने कहा…

bahut sunder kavita.

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर भावमयी रचना..

Amrita Tanmay ने कहा…

अति खूबसूरत रचना

Surendrashukla" Bhramar" ने कहा…

शालिनी जी सुन्दर भाव -काश दिल के जज्बात पहले ही बयां कर दिए गए होते
हमारी समझ के घेरे में कुछ देर से आये.
अब तो आगे बढ़ने में लगेगा एक ज़माना,
बधाई हो

तुम राम बनके दिल यूँ ही दुखाते रहोगे .

अवसर दिया श्रीराम ने पुरुषों को हर कदम , अग्नि-परीक्षा नारी की तुम लेते रहोगे , करती रहेगी सीता सदा मर्यादा का पालन पर ठेकेदार मर्यादा...