रफ़्तार जिंदगी में सदा चलके पायेंगें.

Sky is the limit


लम्हे कभी फुर्सत के हमें मिल न पायेंगें,
रफ़्तार जिंदगी में सदा चलके पायेंगें.

बैठे अगर उदास कहीं टूट जायेंगें,
इस दिल में जोश भरके ही कुछ ढूंढ पायेंगें.

ये जिंदगी देती हमें कई राहें निरंतर ,
पाएंगे मंजिल इनपे गर हम बढ़ते जायेंगें.

न देखना मुड़कर कभी भूले से भी पीछे,
राहों के पत्थर रोकने को रोज़ आयेंगें .

बढ़ना है जिंदगी में अगर तुमको ''शालिनी''
ऐसे ख्याल दिल में तेरे खूब आयेंगे.

                           शालिनी कौशिक 
                                       [कौशल]

टिप्पणियां

चलना सीखना हो जीवन में, रुकना नहीं..
बढ़िया ग़ज़ल!
सभी अशआर अच्छे हैं!
लम्हे कभी फुर्सत के हमें मिल न पायेंगें,
रफ़्तार जिंदगी में सदा चलके पायेंगें.

सच कहा आपने
बस हमें चलते रहना चाहिए कर्म पथ पर ....
सुंदर, प्रेरणादायक रचना !
kshama ने कहा…
बैठे अगर उदास कहीं टूट जायेंगें
Aisa hota hai zindagee me! Behad sundar rachana.
mumkin ho nhi skta ki vapas laut jau ab,bankr pata ab rah ko rahbar
banana hai,"ERADO K KAHANI HA,ERADO KI JUBANI HA"VCHAROTTEJAK TACHANA HA
Ayaz ahmad ने कहा…
बधाई .
रुकना ही मौत तेरी,चलना ही जिंदगी है,,,,

RECENT POST,,,इन्तजार,,,
virendra sharma ने कहा…
जड़त्व को परे धकेलती ,उत्साह उमंग उत्प्रेरित करती रचना -हार नहीं मानूंगा ,राड़ नहीं ठानूंगा ...बहुत बढ़िया प्रस्तुति शालिनी जी की .
विजय कुमार ने कहा…
हम मुसाफिर हैं,
मुसाफिर को तो हैं सिर्फ़ चलते जाना,
हसना हैं और हैं हसाना,
हर गमो को हंसकर है उठाना,
आँसुओ के सैलाब मे डूबकर भी हैं मुस्कुराना.....
विजय कुमार ने कहा…
आपने सच कहा-बस हमें चलते रहना चाहिए............
virendra sharma ने कहा…
लम्हे कभी फुर्सत के हमें मिल न पायेंगें,
रफ़्तार जिंदगी में सदा चलके पायेंगें.
हाँ वैसे भी ज़िन्दगी आगे की ओर है पीछे रुका हुआ पानी है व्यतीत है सोचते ही नहीं रहना है कर्म करते रहना है अहर्निस .बढ़िया रचना है जोश की उमंग की .
राजेश सिंह ने कहा…
क्या खूब लिखा है
बढ़ना है जिंदगी में अगर तुमको ''शालिनी''
ऐसे ख्याल दिल में तेरे खूब आयेंगे.
Sniel Shekhar ने कहा…
बढ़ना है जिंदगी में अगर तुमको ''शालिनी''
ऐसे ख्याल दिल में तेरे खूब आयेंगे.


Keep thinking keep writing..

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