शनिवार, 4 अगस्त 2012

न कोशिश ये कभी करना .

न कोशिश ये कभी करना .



दुखाऊँ दिल किसी का मैं -न कोशिश ये कभी करना ,
बहाऊँ आंसूं उसके मैं -न कोशिश ये कभी करना.

नहीं ला सकते हो जब तुम किसी के जीवन में सुख चैन ,
करूँ महरूम फ़रहत से-न कोशिश ये कभी करना .

चाहत जब किसी की तुम नहीं पूरी हो कर सकते ,
करो सब जो कहूं तुमसे-न कोशिश ये कभी करना .

किसी के ख्वाबों को परवान नहीं हो तुम चढ़ा सकते ,
हक़ीकत इसको दिखलाऊँ-न कोशिश ये कभी करना .

ज़िस्म में मुर्दे की जब तुम सांसे ला नहीं सकते ,
बनाऊं लाश जिंदा को-न कोशिश ये कभी करना .

समझ लो ''शालिनी ''तुम ये कहे ये जिंदगी पैहम ,
तजुर्बें मेरे अपनाएं-न कोशिश ये कभी करना .
 
                                  शालिनी कौशिक 
                                       [कौशल]

9 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

अत्यन्त प्रभावी रचना..

Rakesh Kumar ने कहा…

दुखाऊँ दिल किसी का मैं -न कोशिश ये कभी करना ,
बहाऊँ आंसूं उसके मैं -न कोशिश ये कभी करना.


बहुत ही अच्छा लिखा है आपने शालिनी जी.
हर दिल में ईश्वर का वास है.

समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर आईएगा
और 'फालोअर्स और ब्लोगिंग पर अपने
विचार प्रकट कीजियेगा.

Anil Singh ने कहा…

" jishm me murde ki tum jb shans la skte nai........." nice lines and well presented -such hi kaho tum shalini sath such hi jayga, ye bat digr hai ki jhooth ki raftar 100 ke upr ho gyee hai..."

शिखा कौशिक ने कहा…

बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति . मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें !

dheerendra ने कहा…

ज़िस्म में मुर्दे की जब तुम सांसे ला नहीं सकते ,बनाऊं लाश जिंदा को-न कोशिश ये कभी करना .

बेहतरीन प्रस्तुति,,,,,

RECENT POST ...: रक्षा का बंधन,,,,

दिगम्बर नासवा ने कहा…

किसी के ख्वाबों को परवान नहीं हो तुम चढ़ा सकते ,
हक़ीकत इसको दिखलाऊँ-न कोशिश ये कभी करना .

सच है किसी का दिल दुखाना अच्छा नहीं होता ...
अलग अंदाज़ लिए गज़ल ...

शिवनाथ कुमार ने कहा…

ज़िस्म में मुर्दे की जब तुम सांसे ला नहीं सकते ,
बनाऊं लाश जिंदा को-न कोशिश ये कभी करना

अगर आप किसी का अच्छा नहीं कर सकते तो कम से कम बुरा मत कीजिये ...
बेहतरीन अभिव्यक्ति !

kshama ने कहा…

दुखाऊँ दिल किसी का मैं -न कोशिश ये कभी करना ,
बहाऊँ आंसूं उसके मैं -न कोशिश ये कभी करना.
Behad sundar panktiyan....pooree rachana aprateem!

सुरेन्द्र "मुल्हिद" ने कहा…

behtareen rachna mein urdu ke shabdon ka umdaa istemaal..!!