''ऐसी पढ़ी लिखी से तो लड़कियां अनपढ़ ही अच्छी .''
ऐसी पढ़ी लिखी से तो अनपढ़ ही अच्छी लड़कियां दैनिक जागरण के 13 जनवरी 2013 के''झंकार ''में दुर्गेश सिंह के साथ चित्रांगदा सिंह की बातचीत के अंश पढ़े , तरस आ गया चित्रांगदा की सोच पर ,जो कहती हैं - '' मुझे कुछ दिनों पहले ही एक प्रैस कांफ्रेंस में एक वरिष्ठ महिला पत्रकार मिली ,उन्होंने मुझसे कहा कि अपनी इस हालत के लिए महिलाएं ही जिम्मेदार हैं ,कौन कहता है उनसे छोटे कपडे पहनने के लिए ?मैं दंग रह गयी इतनी पढ़ी लिखी महिला की यह दलील सुनकर ...........'' दंग तो चित्रांगदा आपको ही नहीं सभी को होना होगा ये सोचकर कि क्या पढ़े लिखे होने का मतलब ये है कि शरीर को वस्त्र विहीन कर लिया जाये ?सदियों पहले मानव सभ्यता की शुरुआत में जैसे जैसे खोजकर कपड़ों का निर्माण आरम्भ हुआ और मानव ने अपने तन को वस्त्र से ढंकना आरम्भ किया नहीं तो उससे पहले तो मनुष्य नंगा ही घूमता था देखिये ऐसे - और आज की लड़कियां अपने तन की नुमाइश कर आदि काल की ओर खिसकती जा रही हैं और समझ रही हैं खुद की अक्ल से खुद को आधुनिक .सही कपडे पहनकर कॉलिज आने...

टिप्पणियाँ
सूने आँगन को गर ढंग से बुहारा न गया ,
ए!सियासत के सरपरस्तों जरा गौर से सुन लो ,
जलजला आने को है गर उनको पुकारा न गया .''
न जाने कब ऐसी व्यवस्थाएं देखने मिलेंगी।
दिनांक 31/12/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
धन्यवाद!
पर जिमेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, हम सब की है. हम गाड़ियों में काले शीशे न लगाएं, हम पब्लिक में धुम्रपान न करें.
जलजला आने को है गर उनको पुकारा न गया,,,बहुत खूब,,,शालिनी जी,,,
लाजबाब सार्थक आलेख,,,,
recent post : नववर्ष की बधाई
जलजला आने को है गर उनको पुकारा न गया,,,बहुत खूब शालिनी जी,,,
लाजबाब सार्थक आलेख,,,,
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चांद को भी मात दे देगी उसकी चमक! comets चांद को भी मात दे देगी उसकी चमक! http://sb.samwaad.com/2012/12/blog-post_29.html … वीरेंद्र कुमार शर्मा की रपट
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नव वर्ष शुभ हो चौतरफा .
38m Virendra Sharma @Veerubhai1947
फैसला निर्भया की मौत से पहले और बाद का http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/2012/12/blog-post_30.html …
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38m Virendra Sharma @Veerubhai1947
फैसला निर्भया की मौत से पहले और बाद का http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/2012/12/blog-post_30.html …
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नव वर्ष शुभ हो चौतरफा .
शालिनी जी सरकार खुद ही इस देश में क़ानून का पालन करना भूल गई है .सामने वाले की शकल देख के लागू किया जाता है क़ानून कानूनी तौर पर नहीं इसीलिए वाड्रा क़ानून अलग है आम आदमी पार्टी के लिए अलग है .
शालिनी जी सरकार खुद ही इस देश में क़ानून का पालन करना भूल गई है .सामने वाले की शकल देख के लागू किया जाता है क़ानून कानूनी तौर पर नहीं इसीलिए वाड्रा क़ानून अलग है आम आदमी पार्टी के लिए अलग है . बहुत बढ़िया पोस्ट है दो टूक कहा है सब कुछ .
यहाँ पर आपका इंतजार रहेगा: शहरे-हवस
पर हम अपने को कब मना पाते हैं,
सरकार अपनी हैं,दोष औरों पर लगाते हैं |
नये साल पर कुछ बेहतरीन ग्रीटिंग आपके लिए