रविवार, 15 दिसंबर 2013

''आप'' की मम्मी

 

 
''अरुणा ''सतीश ने कॉलिज में अरुणा को पीछे से आवाज़ लगायी ,''हाँ''अरुणा ने कहा ,क्या सोचा ,इतिहास लोगी या राजनीति शास्त्र ,नहीं अभी कुछ नहीं सोचा ,मम्मी से पूछकर बताऊंगी ,कहकर अरुणा क्लास में चली गयी .
      ''देखिये आप में से जो भी स्टूडेंट शैक्षिक भ्रमण के लिए चलना चाहते हैं वे अपना नाम मित्तल सर के पास लिखवा दें परसों तक का समय है ४ दिन बाद जाना है .''अनीता मैडम ने क्लास में सभी को बताया .
          ''अरुणा चलोगी  टूर पर ?''सतीश ने पुछा ''मम्मी से पूछूंगी ''कहकर अरुणा जब जाने लगी तो सतीश बोला -ठहरो एक मिनट ,तुमने मुझसे किसी जॉब के लिए कहा था मेरे अंकल के ऑफिस में स्टेनो टाइपिस्ट की जगह खाली है ,करोगी क्या?''अच्छा चलो मम्मी से पूछकर बताती हूँ कहकर अरुणा तेज़ी से घर के लिए निकल गयी और सतीश देखता रह गया .
      एक महीने बाद ,
         ''और अरुणा कैसी चल रही है जॉब ?रेस्टोरेंट में चाय की चुस्की लेते हुए सतीश ने अरुणा से पुछा ,''ठीक है ,पर अभी तनख्वाह काफी कम है ,अरुणा थोड़ी उदास होकर बोली ,''अच्छा अगर तुम चाहो तो मैं अपनी आंटी के स्कूल में टीचर की पोस्ट के लिए बात करके देखूं ,शायद अभी ही खाली हुई है एक सीट और तुम्हें कंप्यूटर भी तो आता है ना ?''  हाँ आता तो है ,पर पहले मैं मम्मी से पूछ लूं ''अरुणा ने चाय ख़त्म करते हुए कहा .
          जैसे ही सतीश वहाँ से चलने लगा अरुणा बोली ,''ठहरो सतीश !वो हमारी शादी का क्या रहा ,तुम्हें तो काफी जल्दी थी ना ?  अरुणा के इस सवाल पर सतीश पहले तो चुप रहा फिर कुछ सोचकर बोला -''देखो अरुणा !आप को विषय कौन सा लेना है इसके लिए पहले आप अपनी  मम्मी से पूछोगी ,फिर टूर पर जाना है या नहीं ये भी आप की मम्मी बताएंगी ,नौकरी करनी है या नहीं आप की मम्मी से पूछा जायेगा ,कौन सी नौकरी करनी है ये भी आप की मम्मी बताएंगी ,इसलिए मैंने सोचा है कि क्यूँ न आपकी मम्मी से ही शादी कर ली जाये .''सतीश ये कहकर अपना बैग उठाकर तेज़ी से निकल गया और अरुणा उसे देखती रह गयी .
       शालिनी कौशिक 
           [कौशल ]
 
 

4 टिप्‍पणियां:

देवदत्त प्रसून ने कहा…

सराहनीय!कथा में सीमित आकार,संयत भाशाऔर सामयिक कथानक |

ajay yadav ने कहा…

bahut khub

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

कुछ ज्यादा हो गया ......

हस्ती ....... जिसके कदम पर ज़माना पड़ा.

कुर्सियां,मेज और मोटर साइकिल      नजर आती हैं हर तरफ और चलती फिरती जिंदगी      मात्र भागती हुई      जमानत के लिए      निषेधाज्ञा के...