रविवार, 8 दिसंबर 2013

क़ुबूल कीजिये

कहीं नेता तो कहीं योजनाएं
शिकस्त-ए-सियासत क़ुबूल कीजिये ,
मेहनत नहीं आराम अब क़ुबूल कीजिये .
अवाम से इंसाफ की करते रहे तौहीन
गुरुर छोड़ सादगी क़ुबूल कीजिये .
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इज़हार-ए-ख्यालात हैं ज़म्हूरियत में ये ,
नाराज़गी जमहूर की क़ुबूल कीजिये .
परेशां होने से होगा न कुछ हासिल
चुनौती मान दिल से क़ुबूल कीजिये .
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फतह नसीब है वही सेवक हो वफादार ,
फरेब किया आपने क़ुबूल कीजिये .
एहसान फरामोशी ही कर रहे थे आप
फ़र्दे-ज़ुर्म मर्द बन क़ुबूल कीजिये .
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Harsh Vardhan thanks Delhi voters for BJP's win Politics will no longer be hostage to communalism, corruption: Arvind Kejriwal
कामयाब आप हैं न भूलकर इन्हें ,
रख सामने सबक ये क़ुबूल कीजिये .
फरेफ़ता अवाम है ईमानदार की
फ़र्ज़ अब फराख दिल क़ुबूल कीजिये .
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मुखालफत में बैठकर है बोलना आसान ,
मल्लाही सल्तनत की क़ुबूल कीजिये .
उठाते रहे उँगलियाँ जिन पर तुनक-तुनक
उनकी जड़ों को काटना क़ुबूल कीजिये .
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सत्ता की खिलाफत सदा होती है हर तरफ ,
न अपनी सोच जीत को क़ुबूल कीजिये .
वादों की जिस पतंग संग आप उड़ रहे
तरफैन हवाओं का क़ुबूल कीजिये .
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लाठी खुदा की चलती है इंसाफ के लिए ,
सत्ता से बाहर आना भी क़ुबूल कीजिये .
लाठी लिए जनता खड़ी सब हुक्मरानों पर
सुकून पल को ''शालिनी ''क़ुबूल'' कीजिये .
शब्दार्थ :-शिकस्त-हार ,अवाम-जनता ,जम्हूरियत-लोकतंत्र ,फ़र्दे-जुर्म -अभियोग सूची ,मर्द-वीर साहसी ,फरेफ़ता-मोहित ,फराख दिल -उदार ह्रदय ,तर फैन -पक्ष .
शालिनी कौशिक
[कौशल ]

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति।
आज 11-12-13 का सुखद संयोंग है।
सुप्रभात...।
आपका बुधवार मंगलकारी हो।

हस्ती ....... जिसके कदम पर ज़माना पड़ा.

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