कॉंग्रेस में ही है दम

आखिर कॉंग्रेस ने एक बार फिर दिखा दिया कि देश हित में वह किसी भी हद पर जाकर अपने दुश्मनों को भी साथ लेकर चल सकती है और उन्हें अपनी बात मानने को मजबूर कर सकती है .तेलंगाना पर अपनी धुर विरोधी भाजपा को कॉंग्रेस ने अपने साथ इस खूबी से जोड़ लिया कि वह कॉंग्रेस को कमजोर ,जनहित विरोधी सरकार कहते कहते न न करते हुए उससे अलग न हो सकी .यह खूबी कॉंग्रेस में ही है कि वह जो ठान ले उसे पूरा करके ही दम लेती है ऐसे में कॉंग्रेस से ही ये आशा की जा सकती है कि वह उत्तर प्रदेशके नागरिकों को भी इतने बड़े राज्य से उत्पन्न कठिनाइयों से छुटकारा दिलाएगी और मायावती जी द्वारा की गयी पहल के अनुसार उत्तर प्रदेश के चार टुकड़े कराकर यहाँ के नागरिकों को उनकी मेहनत के अनुसार सही फल दिलाएगी क्योंकि सभी दलों को सही राह दिखने की जो क्षमता कॉंग्रेस में है वह किसी में नहीं और ये कॉंग्रेस अध्यक्षा द्वारा देश हित के मुद्दों पर सभी दलों से और विपक्ष की नेता से बिना किसी अहम् के सहयोग की अपील किये जाने जैसे कृत्य स्वयंमेव ही साबित कर देते हैं .किसी शायर ने क्या खूब कहा है -
''कोई दुश्मन भी मिले तो करो बढ़कर सलाम,
पहले खुद झुकता है औरों को झुकाने वाला .''
और यही आज कॉंग्रेस की सफलता का एक महत्वपूर्ण रहस्य है और सच्चाई भी .कॉंग्रेस को अपनी एक और सफलता की और समस्त आंध्र प्रदेश वासियों को तेलंगाना के रूप में एक नया राज्य मिलने की बहुत बहुत शुभकामनायें 
शालिनी कौशिक 
[कौशल ]

टिप्पणियाँ

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
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आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (24-02-2014) को "खूबसूरत सफ़र" (चर्चा मंच-1533) पर भी होगी!
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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