आभास और संकेत

कल्पना
ख्वाब
गफलत
आभास एक नारी मन का !
हकीकत
चेतन
यथार्थ
संकेत एक पुरुष सोच का !
कल्पना कर नारी सजाये सुन्दर घर
ख्वाब देख रखे खुशियों की तमन्ना
गफलत में माने सब अपना .
हकीकत दिखाए जीवन की पुरुष सबको
चेतन अवस्था में ले आये शिथिल मन को
यथार्थ ला उजाड़े ख्वाबों के उपवन को .

शालिनी कौशिक

[woman about man]

टिप्पणियाँ

Yashwant Yash ने कहा…
कल 23/02/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
धन्यवाद !
Kaushal Lal ने कहा…
सुन्दर ....
Anita ने कहा…
कल्पना तो यहाँ हर मन करता है वह पुरुष का हो या स्त्री का, यथार्थ वह सत्य है जो हर मन की गहराई में छिपा है

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